CG High Court Work From Home: छत्तीसगढ़ में वर्क फ्रॉम होम सिस्टम लागू, जानिए अचानक क्यों लिया गया ये बड़ा फैसला?

CG High Court Work From Home: छत्तीसगढ़ में वर्क फ्रॉम होम सिस्टम लागू, जानिए अचानक क्यों लिया गया ये बड़ा फैसला

CG High Court Work From Home: छत्तीसगढ़ में वर्क फ्रॉम होम सिस्टम लागू, जानिए अचानक क्यों लिया गया ये बड़ा फैसला?

CG High Court Work From Home/Image: AI Generated

Modified Date: May 20, 2026 / 12:22 pm IST
Published Date: May 20, 2026 12:17 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई का प्रस्ताव रखा है
  • कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” सुविधा देने की तैयारी की गई है
  • ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए कार-पूलिंग व्यवस्था अपनाने का सुझाव दिया गया है

बिलासपुर CG High Court Work From Home: संसाधनों के बेहतर उपयोग और न्यायिक कार्यों के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट प्रशासन ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान नई प्रशासनिक व्यवस्थाएं लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में हाईकोर्ट की ओर से परिपत्र जारी कर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने रखे गए हैं।

अब घर से होगा काम, वर्क फ्रॉम होम सिस्टम लागू

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा (Chief Justice Ramesh Sinha) के मार्गदर्शन में जारी परिपत्र के अनुसार, अवकाश अवधि में मामलों की सुनवाई सामान्यतः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा सकेगी। इसका उद्देश्य अनावश्यक आवागमन कम करना और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना बताया गया है। परिपत्र में हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” (CG High Court Work From Home) सुविधा देने का भी प्रस्ताव रखा गया है, इसके लिए यह शर्त रखी गई है कि कार्यालय में कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति बनी रहे ताकि कामकाज प्रभावित न हो।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई

साथ ही घर (CG High Court Work From Home) से कार्य करने वाले कर्मचारियों को फोन और अन्य आधिकारिक माध्यमों से उपलब्ध रहना होगा। ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कार-पूलिंग व्यवस्था अपनाने का सुझाव भी दिया गया है। साथ ही न्यायाधीशों को भी आवश्यकतानुसार कार-पूलिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने कहा है कि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए संबंधित रजिस्ट्री अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.