CG Teacher Bharti News: छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट, 5000 पदों के लिए इस दिन जारी होगा विज्ञापन, सीएम साय ने खुद दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट, 5000 पदों के लिए इस दिन जारी होगा विज्ञापन, CG Teacher Bharti Notification Latest News

CG Teacher Bharti News: छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट, 5000 पदों के लिए इस दिन जारी होगा विज्ञापन, सीएम साय ने खुद दिए निर्देश
Modified Date: January 22, 2026 / 08:46 pm IST
Published Date: January 22, 2026 8:38 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 5000 शिक्षक पदों पर तत्काल भर्ती के निर्देश
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फरवरी तक विज्ञापन जारी करने को कहा
  • भर्ती प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश

रायपुरः CG Teacher Bharti News: छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षक के 5000 पदों पर तत्काल भर्ती के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस भर्ती को लेकर अफसर और विभाग फरवरी तक विज्ञापन जारी करें। उन्होंने समय सीमा में नियुक्ति पूर्ण करने के भी निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षक भर्ती-2023 की प्रतीक्षा सूची की मान्यता नहीं बढ़ेगी।

इन विषयों पर भी हुई चर्चा (CG Shikshak Bharti News)

CG Teacher Bharti News: बैठक में शिक्षक भर्ती परीक्षा–2023 से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा–2023 की प्रतीक्षा सूची की मान्यता नहीं बढ़ाई जाएगी, ताकि पिछले वर्षों में उत्तीर्ण युवाओं को भी शासकीय सेवा में आने का मौका दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तेज़ी से उठाए जाएंगे।

तीन साल बाद होगी भर्ती (Chhattisgarh Shikshak bharti)

बता दें कि प्रदेश में 3 साल बाद शिक्षक भर्ती हो रही है। पिछली सरकार के कार्यकाल में 14 हजार पदों की घोषणा हुई थी, जिनमें से करीब 10 हजार शिक्षकों की ही नियुक्ति हो पाई थी। अब नई भर्ती से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

जानिए क्या है शिक्षकों की स्थिति (Cg Teachers recruitment 2026)

राज्य की 30,700 प्राथमिक शालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी शिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी छात्र नहीं है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है। 1,106 स्कूलों में यह अनुपात 11 से 20 के बीच है। 837 स्कूलों में यह अनुपात 21 से 30 के बीच है। लेकिन 245 स्कूलों में यह अनुपात 40 या उससे भी ज्यादा है, यानी छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक कम हैं।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।