Junior Doctors Strike News: छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी मरीजों की मुश्किलें, 17 सूत्रीय मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर जाएंगे हड़ताल पर, इस दिन से शुरू हो सकता है आंदोलन

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Junior Doctors Strike News: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर जूनियर डॉक्टरों की मांगों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं।

  • Reported By: Abhishek Soni

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  • Publish Date - September 22, 2026 / 10:12 PM IST,
    Updated On - September 22, 2026 / 10:15 PM IST

Junior Doctors Strike News/Image Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे हैं।
  • जूनियर डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
  • जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि, मांगों को लेकर कोई आदेश जारी नहीं होता तो ओपीडी बंद कर आंदोलन शुरू किया जायेगा।

Junior Doctors Strike News: अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर जूनियर डॉक्टरों की मांगों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, बॉन्ड की अवधि कम करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के मुताबिक, रायपुर की टीम ने करीब 15 दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं। मुलाकात के दौरान मांगों पर जल्द आदेश जारी करने का आश्वासन मिलने का दावा किया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की बैठक हुई और चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया गया। इसी कड़ी में आज जूनियर डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।

24 सितंबर से की जाएगी स्ट्राइक

Junior Doctors Strike News: डॉक्टरों का कहना है कि कल भी शांतिपूर्ण रैली निकाली जाएगी, लेकिन अगर 23 सितंबर तक सरकार की तरफ से मांगों को लेकर कोई आदेश जारी नहीं होता है, तो 24 सितंबर से स्ट्राइक की जाएगी। यानी आने वाले दिनों में अगर सरकार और जूनियर डॉक्टरों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो इसका असर अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है। जूनियर डॉक्टरों ने साफ किया है कि उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। फिलहाल कैंडल मार्च और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचा जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार जूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों पर कब तक फैसला लेती है, और क्या ओपीडी बंद करने की नौबत आने से पहले सरकार और डॉक्टरों के बीच कोई समाधान निकल पाता है।

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