मुंबई, 22 सितंबर (भाषा) आईआईटी मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के चार दिन बाद, मुंबई पुलिस की अपराध शाखा परीक्षा हॉल और छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है, ताकि उसकी मौत से पहले के घटनाक्रम का पता लगाया जा सके। साहिल पर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने की बात सामने आई थी।
साहिल वाकोडे (22) के माता-पिता ने दावा किया कि उनके बेटे ने उन्हें बताया था कि संस्थान में उसे जातिसूचक गालियों और अपमान का सामना करना पड़ रहा था।
मुंबई पुलिस अपराध शाखा के कार्यालय पहुंचने के बाद मीडिया से बात करते हुए, उन्होंने सभी सबूतों की बारीकी से जांच करने और उनके बेटे की कथित आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
साहिल की मां सोनाली वाकोडे ने कहा, ‘‘मुझे अपराध शाखा पर पूरा भरोसा है और मैं अनुरोध करती हूं कि मेरे बेटे साहिल की मौत की जांच निष्पक्ष और पूरी तरह से प्राथमिकी के अनुसार की जाए। प्राथमिकी में दर्ज आरोपों और परिस्थितियों की ठीक से जांच होनी चाहिए और जो लोग इसके लिए ज़िम्मेदार पाए जाएं, उनके ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।’’
उन्होंने दावा किया कि साहिल ने उन्हें बताया था कि जातिगत आधार पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था, उसके साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा था और उसे अपमानित किया जा रहा था।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुंबई के फैकल्टी फोरम अध्यक्ष राजकुमार पंत ने दावा किया कि साहिल ने हाल के दिनों में संस्थान के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ में कोई शिकायत नहीं की थी।
पुलिस ने साहिल की मौत को लेकर आईआईटी मुंबई के गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) कार्यकर्ताओं को मंगलवार को हिरासत में ले लिया।
अधिकारियों के अनुसार, ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र साहिल 18 सितंबर की शाम पवई परिसर स्थित छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका पाया गया था। यह घटना ‘मिड-सेमेस्टर’ परीक्षा के दौरान उसे चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
सूत्रों के मुताबिक साहिल की आत्महत्या के बाद आईआईटी मुंबई अपने छात्रावासों से छत पर लगाए गए पंखे हटाने में जुट गया है।
सोशल मीडिया पर ‘रख-रखाव के काम’ के तहत परिसर में दीवार पर लगने वाले पंखों की एक खेप आने की तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई है।
परिसर में छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद साहिल की मौत के मामले की आगे की जांच के लिए 19 सितंबर को अपराध शाखा को सौंप दिया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा हॉल के सीसीटीवी कैमरों में साहिल की गतविधियां रिकॉर्ड हुईं। कथित रूप से नकल करते हुए पकड़े जाने के बाद एक प्रोफेसर उसके पास आए और उसे दूसरे विद्यार्थियों से दूर ले गए।
इसके बाद के फुटेज में साहिल को परीक्षा हॉल से निकलने के बाद परिसर से होते हुए छात्रावास के अपने कमरे तक जाते हुए देखा गया। एक अधिकारी ने बताया कि उसके बाद उसे अपने कमरे से बाहर निकलते हुए नहीं देखा गया। बाद में साहिल छात्रावास के अपने कमरे में फंदे पर मृत लटका हुआ मिला।
जांचकर्ता साहिल की गतिविधियों का पता लगाने और घटना से पहले की घटनाओं का क्रम समझने के लिए संस्थान के कई स्थानों से कैमरे के फुटेज इकट्ठा कर रहे हैं और उनका मिलान कर रहे हैं।
आईआईटी मुंबई ने सोमवार को छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच सूर्यनारायण डूला को प्रशासनिक मामलों के डीन पद से हटा दिया। साहिल की आत्महत्या को लेकर छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद डूला पर आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव का मामला दर्ज किया गया था।
भाषा आशीष वैभव
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