Chhattisgarh Liquor Scam: रायपुर स्थित कांग्रेस नेता के घर छापा, ED की रेड से मचा हड़कंप, 6 अधिकारियों की टीम कर रही दस्तावेजों की जांच

Ads

Chhattisgarh Liquor Scam: रायपुर स्थित कांग्रेस नेता के घर छापा, ED की रेड से मचा हड़कंप, 6 अधिकारियों की टीम कर रही दस्तावेजों की जांच

Chhattisgarh Liquor Scam | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों पर ED की रेड
  • F2 अनुपम नगर स्थित आवास पर पहुंची ED की टीम
  • दो गाड़ियों में 5-6 अधिकारी पहुंचे RG के घर

रायपुर: Chhattisgarh Liquor Scam छत्तीसगढ़ में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल कई ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है। जिससे हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि ईडी सुबह से ही धमतरी स्थित कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के घर दबिश दी है। जिसके बाद राजधानी रायपुर स्थि​त F2 अनुपम नगर में रेड मारी। बताया जा रहा है कि ED की टीम दो गाड़ियों में पहुंची है, जिसमें 5-6 अधिकारी शामिल है, जो दस्तावेजों की जांच कर रही है। घर के बाहर जवानों को तैनात किया गया है।

धमतरी में भी छापा

Chhattisgarh Liquor Scam आपको बता दें कि इससे पहले धमतरी में ईडी की टीम ने छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के घर दबिश दी है। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने अदालत को बताया कि पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अग्रवाल का 72 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से संबंध है। ईडी ने कहा कि अग्रवाल चार समन जारी किए जाने के बावजूद उसके समक्ष पेश नहीं हुए और हालिया पूछताछ के दौरान वह ‘टालमटोल वाला रवैया’ अपना रहे थे।

ईडी के अनुसार, शराब घोटाले से हासिल कथित अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि घोटाले से जुटाई गई बेहिसाब नकदी को रायपुर स्थित ‘राजीव भवन’ में रामगोपाल अग्रवाल को डिलीवर किया जाता था। ईडी ने रामगोपाल अग्रवाल को कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार किया है। फिलहाल 11 अगस्त को उन्हें पांच दिन की ईडी कस्टोडियल रिमांड पर भेजा गया था। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।

दुर्ग में दो स्थानों पर ED की दबिश

इसके अलावा ED ने दुर्ग में दो स्थानों पर छापामार कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि शराब घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने विश्वास गुप्ता और सजल जैन के ठिकानों पर रेड मारी है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि विश्वास गुप्ता और सजल जैन दोनों रियल स्टेट के कारोबार से जुड़े हुए हैं और इससे पहले भी ACB और EOW ने कार्रवाई की थी।

कौन हैं रामगोपाल अग्रवाल?

रामगोपाल अग्रवाल 1980 में कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे। वह लगातार पार्टी के लिए कर्मठ कार्यकर्ता बने रहे। साल 2013 में उन्हें छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष बनाया गया था। बीच में ऐसी संभावनाएं बनीं कि वह चुनाव लड़ सकते हैं कि वह चुनाव नहीं लड़ पाए और संगठन में ही काम करते रहे। बाद में साल 2023 में ईडी ने उनके कई ठिकानों पर छापा मारा था, तब से ही वह फरार चल रहा था। अब EOW ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।

इन्हें भी पढ़ें:-

ईडी ने छापा कहां मारा?

धमतरी, रायपुर और दुर्ग में।

रामगोपाल अग्रवाल पर क्या आरोप हैं?

शराब घोटाले से जुड़ी अवैध कमाई से संबंध।

ईडी ने कितनी राशि का आरोप लगाया है?

लगभग 72 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय।