(Eating With Henna Hands/ Image Credit: AI-generated)
Eating With Henna Hands: सावन का महीना आते ही महिलाओं में मेहंदी लगाने का उत्साह बढ़ जाता है। त्योहारों और खास मौकों पर दोनों हाथों में मेहंदी लगाना आम बात है। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि मेहंदी लगे हाथों से खाना बनाने या खाने (Eating With Henna Hands) से सेहत पर कोई बुरा असर पड़ सकता है या नहीं। आमतौर पर प्राकृतिक और शुद्ध मेहंदी को त्वचा के लिए सुरक्षित माना जाता है। मेहंदी हिना के पौधे से तैयार की जाती है और इसमें प्राकृतिक रंग मौजूद होता है। इसलिए केवल मेहंदी लगे होने की वजह से खाना खाने से कोई गंभीर बीमारी होने की संभावना नहीं होती।
आजकल बाजार में जल्दी और गहरा रंग देने वाली कई तरह की मेहंदी उपलब्ध हैं। इनमें कुछ उत्पादों में केमिकल मिलाए जाते हैं। खासतौर पर ब्लैक मेहंदी में PPD यानी पैराफेनिलीन डायमीन नामक रसायन मिलाया जा सकता है। यह कुछ लोगों की त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके संपर्क में आने से जलन, लालिमा, खुजली, सूजन या एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए मेहंदी खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में जानकारी लेना जरूरी है।
अगर मेहंदी प्राकृतिक है और हाथों की अच्छी तरह सफाई की गई है तो मेहंदी लगे हाथों से खाना खाने (Eating With Henna Hands) मात्र से गंभीर बीमारी होने का कोई सामान्य कारण नहीं है। हालांकि, मेहंदी लगी होने के कारण हाथों और उंगलियों के बीच साबुन से सफाई करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में हाथों पर धूल, गंदगी और बैक्टीरिया रह सकते हैं। अगर ये कीटाणु भोजन के साथ शरीर में पहुंचते हैं तो पेट दर्द, उल्टी या दस्त जैसी परेशानी हो सकती है। यानी ऐसी समस्या का मुख्य कारण मेहंदी नहीं, बल्कि हाथों की खराब स्वच्छता हो सकती है।
मेहंदी लगाने के बाद हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें। जहां तक संभव हो मेहंदी पूरी तरह सूखने के बाद भी हाथों को पानी और साबुन से साफ करें। उंगलियों के बीच और नाखूनों के आसपास सफाई करना न भूलें। अगर मेहंदी अभी गीली है तो उससे सीधे खाना खाने या भोजन बनाने से बचना बेहतर है। खाना बनाते समय (Eating With Henna Hands) स्वच्छता बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ने पर साफ बर्तन या अन्य सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर मेहंदी लगाने के बाद हाथों में तेज खुजली, जलन, लाल चकते, सूजन या फफोले दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर केमिकल या ब्लैक मेहंदी के इस्तेमाल के बाद ऐसी परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। शुद्ध प्राकृतिक मेहंदी आमतौर पर चिंता का कारण नहीं है। समस्या मुख्य रूप से खराब स्वच्छता या मेहंदी में मौजूद हानिकारक केमिकल से हो सकती है। इसलिए सावन में मेहंदी लगाएं, लेकिन उसकी गुणवत्ता और हाथों की साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें।