Chhattisgarh New Anti-Conversion Law News/Image Credit: IBC24.in
Chhattisgarh New Anti-Conversion Law News: रायपुर: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण एक गंभीर मुद्दा है। अब तक प्रदेश के वनांचल और आदिवासी इलाकों में होने वाले धर्मांतरण की फिक्र की जा रही थी लेकिन सरकार के धर्म स्वतंत्रता जैसा कड़ा कानून लाने के दावे के बावजूद ग्रामीण के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी तेजी से कन्वर्जन हो रहा है। हालात ये है कि अब सामाजिक संगठन भी इस विषय पर खुलकर चिंता जता रहे हैं, अपने समाज में बैठकें कर अपने लोगों को सतर्क कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ साहू समाज ने रायपुर में बड़ी बैठक कर धर्मांतरण रोकने की रणनीति बनाई। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू ने कहा कि समाज के परिवारों तक पहुंचकर सर्वे किया जाएगा, एकजुटता और मजबूज संस्कारों पर जोर होगा, जो कर्वर्टेड़ हो चुके जिन्हें दोबारा समाज से जोड़ने पर काम होगा।
इसी बैठक में शामिल उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि धर्मांतरण को लेकर भी सजग रहने और समाज को जागरूक करने पर सहमति बनी है। (Chhattisgarh New Anti-Conversion Law News) वहीं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि- नया कानून अवैध तरीके से प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ है। अपील की कि ऐसे मामलों की जानकारी फौरन प्रशासन को दें।
इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का सीधा आरोप है कि सरकार, केवल कड़ा कानून बनाने के नाम पर सियासी लाभ लेना चाहती है लेकिन अभी तक नए धर्मांतरण कानून को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पा रही है। पलटवार में मंत्री रामविचार नेताम ने तंज कसा कि अब तो कांग्रेस भी धर्मांतरण को लेकर फिक्रमंद है, अच्छी बात है।
Chhattisgarh New Anti-Conversion Law News: साफ है कि बस्तर-सरगुजा में आदिवासी समाज के बाद अब कस्बों-शहरों में साहू समाज भी धर्मांतरण को लेकर गंभीर समस्या मानकर एकता, जागरूकता और मजबूत संस्कारों की पैरवी करने लगा है। विपक्ष पूछ रहा है कि वो कड़ा कानून लागू कर करेंगे जिसे लेकर बार-बार बड़े-बड़े दावे किये जाते हैं।
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