बिलासपुर, छह सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके रह रहे 23 संदिग्ध बांग्लादेशियों को जिला पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने हिरासत में लिया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक (आईयूसीएडब्ल्यू) रशमीत कौर चावला की अगुवाई वाली एसटीएफ अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध प्रवासियों, बांग्लादेश से आए घुसपैठियों और बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे लोगों की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान चला रही है। इस टीम में सात निरीक्षक शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘एसटीएफ ने पिछले दो महीनों में जिले भर में कई जगहों पर जांच की। इस अभियान के दौरान लगभग 1,162 लोगों की जांच की गई और 23 लोगों के बारे में पता चला कि उन्होंने कथित तौर पर गलत या नकली दस्तावेज जमा किए थे।’’
उन्होंने बताया कि इसके बाद एसटीएफ की टीमों को सत्यापन के लिए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, जंगीपुर और मालदा जैसे कई जिलों में भेजा गया, जहां रहने का दावा संदिग्धों ने अपने पहचान पत्र और पते की पुष्टि के लिए किया था।
सिंह ने कहा, ‘‘पहचान के लिए इन लोगों द्वारा दी गई सभी जानकारी और दस्तावेज झूठे पाए गए।’’ उन्होंने बताया कि ये संदिग्ध बिलासपुर में फेरी लगाने का काम करते थे और पिछले करीब दो साल से इस जिले में आ रहे थे।
उन्होंने बताया कि सिरगिट्टी पुलिस थाना क्षेत्र में रहने वाले इन 23 संदिग्धों को चार सितंबर को सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तक, रायपुर के एक निरुद्ध केंद्र में भेज दिया गया।
भाषा संतोष नरेश
नरेश