शह मात The Big Debate: अकाल मौतों पर बवाल.. गौठानों पर उठे सवाल, आखिर गायों क मौत के लिए कौन है जिम्मेदार? देखिए ये वीडियो

Ads

अकाल मौतों पर बवाल.. गौठानों पर उठे सवाल, Cows die one after another in cow shelters in Chhattisgarh

  •  
  • Publish Date - September 27, 2025 / 11:47 PM IST,
    Updated On - September 28, 2025 / 12:07 AM IST

रायपुरः गौसेवा के नाम पर सियासी दावे और वादों का चलन हमेशा रहा, लेकिन अगर प्रदेश में गौवंश की सेवा वाली सरकार के राज में लगातार गौवंश की मौत हो रही हो तो सवाल उठता है कि इसकी क्या वजह है? राजधानी और आसपास के ग्रामों में अगर गायों की मौत के लिए भूख, कीचड़, भीगना वजह बताई जा रही हो तो सवाल उठना जायज है कि प्रशासन क्या आंखे मूंदे बैठा है, आरोपों को छोड़ दें तो क्या भूखी और बीमार गायों को लेकर निरीक्षण के सारे दावे खोखले हैं? मुद्दा गौवंश से जुड़ा है, संवेदनशील और भावनात्मक है सो विपक्ष ने भी बिना देर किए एक जांच टीम बनाकर, प्रभावित गौठान में भेज दी और व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए।

छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक गौठानों में गायों की मौत के सिलसिले ने गौवंश की रक्षा और गौ-सेवा के दावों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। रायपुर की समोदा नगर पंचायत में बनी गौठान में 15 से ज्यादा गौवंशों की मौत हो गई। अगले ही दिन खरोरा के मोहरा गांव की गौठान में 5 से अधिक गायों की मौत हो गई और फिर 27 सितंबर को आरंग की गुल्लू गांव की गौठान में 15 से ज़्यादा गौवंश की मौत ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गायों की मौत भूख और लगातार भीगने से हुई है। वहीं विपक्ष ने गौवंश की मौत की लगातार होती घटनाओं पर एक जांच दल समोदा ग्राम गौठान के निरीक्षण के लिए भेजा। जांच दल में पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, पूर्व सांसद छाया वर्मा, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे और कन्हैया अग्रवाल शामिल हैं। जांच दल में शामिल कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा गाय के नाम पर राजनीति करती है, जबकि उसके राज में गौवंश भूख से मर रहे हैं। दूसरी तरफ विपक्ष के आरोप को खारिज कर सत्ता पक्ष का दावा है कि गायों की मौत पर प्रशासन और सरकार दोनो ही संजीदा है। कैबिनेट मंत्री गुरू खुशवंत ने उल्टे कांग्रेस को उनके कार्यकाल में गाय और गौठान की दुर्दशा के आरोप लगाते हुए घेरा।

हैरत की बात ये कि मॉनसून के विदाई के दौर में जबकि चारों ओर पानी और हरियाली दोनों होते हैं। गायों की भूख, भीगने और कीचड़ से लगातार मौत क्यों हो रही है? क्यों वक्त रहते प्रशासन और सरकार ने इसपर पूरा ध्यान नहीं दिया ? क्या विपक्ष के आरोप सही हैं ?

इन्हें भी पढ़ें:-

ताजा खबर