चोटिल खिलाड़ियों को मैदान में उतारने पर सैकिया ने कहा: आईपीएल के दौरान बीसीसीआई दखल नहीं दे सकता

Ads

चोटिल खिलाड़ियों को मैदान में उतारने पर सैकिया ने कहा: आईपीएल के दौरान बीसीसीआई दखल नहीं दे सकता

  •  
  • Publish Date - May 19, 2026 / 08:35 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 08:35 PM IST

गुवाहाटी, 19 मई (भाषा) कोलकाता नाइट राइडर्स ने भारत के केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती को बाएं पैर में फ्रेक्चर होने के बावजूद खेलने के लिए मजबूर करके विवाद खड़ा कर दिया है लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने माना कि जब आईपीएल चल रहा होता है तो बोर्ड फ्रेंचाइजी के मामलों में ‘दखल नहीं दे सकता’।

एक आम समझ यह है कि केंद्रीय अनुबंध वाले सभी खिलाड़ियों के लिए फ्रेंचाइजी का फिजियो भारत के फिजियो को अपडेट रखता है और अगर किसी खिलाड़ी की चोट और बढ़ सकती है तो बीसीसीआई टीम को चेतावनी दे सकता है।

गुजरात टाइटन्स के खिलाफ मैच के दौरान चक्रवर्ती पूरे समय लंगड़ाते हुए गेंदबाजी करते रहे जिससे यह सवाल उठने लगे कि अभिषेक नायर और उनकी टीम ने हेयरलाइन फ्रेक्चर होने के बावजूद चक्रवर्ती को मैदान में क्यों उतारा।

हालांकि सैकिया से खास तौर पर चक्रवर्ती के बारे में नहीं पूछा गया था लेकिन उन्होंने कुछ फ्रेंचाइजियों द्वारा चोटिल खिलाड़ियों को खेलने के लिए मजबूर किए जाने के मामले पर बीसीसीआई का रुख साफ किया।

सैकिया ने कहा, ‘‘जहां तक आईपीएल की बात है तो फ्रेंचाइजियां खिलाड़ियों की चोट और फिटनेस का ध्यान रखती हैं। बेशक सीओई (बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के फिजियो भी उन पर नजर रखते हैं, उनके काम के बोझ और उन्हें फिट रखने की योजना पर भी काम करते हैं।’’

लेकिन उनका अगला बयान चिंताजनक था।

सैकिया ने माना, ‘‘निगरानी तो होती है लेकिन जब आईपीएल चल रहा होता है तो हम बहुत अधिक दखल नहीं दे सकते। अगर यह भारतीय टीम की स्थिति होती तो हमारा नियंत्रण अधिक होता।’’

सैकिया के इस बयान से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या बीसीसीआई किसी फ्रेंचाइजी को चोटिल खिलाड़ी को मैदान में उतारने से रोकने की स्थिति में है।

सैकिया ने कहा, ‘‘अब हम फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों के बारे में फैसला लेने की आजादी दे रहे हैं। जब राष्ट्रीय टीम के चयन की बात आएगी तो हम निश्चित रूप से उनके फिटनेस स्तर पर गौर करेंगे।’’

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द