भोपालः Twisha Sharma Case: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। 33 साल की ट्विशा 12 मई को अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या माना, लेकिन परिवार के दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के बाद मामला गंभीर हो गया है। इस बीच ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ओ नाटक करती थी। एक तरफ ट्विशा कहती थी कि उन्हें पौधे अच्छे लगते हैं, लेकिन पौधों की देखरेख नहीं करती थी। दूसरी तरफ बच्चे अच्छे लगते हैं, लेकिन बच्चे पैदा नहीं करना है। खाना बनाना अच्छा लगता है, लेकिन वो भी नहीं।
इससे पहले भी ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला कई तरह की बातें ट्विशा को लेकर चुके हैं। उन्होंने दावा किया है कि शादी के पहले ट्विशा कुछ और थी, लेकिन शादी के बाद उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। गिरीबाला सिंह ने ट्विशा पर नशा करने के आरोप लगाए और कहा कि परिवार उसका इलाज भी करवा रहा था। उन्होंने ये भी कहा कि समर्थ को शादी के बाद पछतावा होने लगा था, लेकिन उसने रिश्ता निभाने की कोशिश की। बता दें कि ट्विशा शर्मा मौत मामला अब सिर्फ एक सुसाइड केस नहीं रह गया है। हर दिन सामने आ रहे नए दावे, नए सबूत और नए बयान इस केस को और उलझाते जा रहे हैं।
इस बीच ट्विशा शर्मा की मौत मामले में जांच से जुड़ी एक अहम रिपोर्ट सामने आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लिगेचर यानी फंदे में इस्तेमाल बेल्ट की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि ट्विशा ने कथित तौर पर उसी बेल्ट का इस्तेमाल कर फांसी लगाई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लिगेचर जांच के निष्कर्ष मौत को आत्महत्या की दिशा की ओर इशारा करते हैं। ट्विशा शर्मा के परिवार ने भोपाल जिला अदालत में ट्विशा के दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए एक आवेदन दायर किया है। ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थी और भोपाल में उनका ससुराल था। बताया जा रहा है कि ट्विशा का शव छत पर लगे जिमनास्टिक बेल्ट से उतारा गया था। छत पर लगे पाइप पर यह बेल्ट बंधा हुआ था और शुरुआती जांच के अनुसार उन्होंने इसी से फांसी लगाई थी। सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम के समय यह बेल्ट साथ नहीं भेजा गया था। पुलिस ने दो दिन पहले ही आत्महत्या में इस्तेमाल बताए जा रहे बेल्ट को जांच के लिए उपलब्ध कराया था।
इधर, ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली परिवार होने के कारण जांच प्रभावित की जा रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और न्यायिक निगरानी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और साक्ष्यों की जांच समेत कई एंगल से की जा रही है। SIT पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। इस बीच परिवार ने अंतिम संस्कार रोक रखा है और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, वो अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।