धमतरी: Dhamtari News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक पिता ने अपनी दो मासूम बेटियों को लावारिस हालत में मंदिर परिसर में छोड़ दिया और खुद मौके से फरार हो गया। यह घटना रुद्री थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध रुद्रेश्वर महादेव मंदिर की है।
Dhamtari News: स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर के पुजारी ने जब दो मासूम बच्चियों को भूखे-प्यासे और असहाय हालत में मंदिर परिसर में घूमते देखा तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। रुद्री पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर सखी सेंटर भेज दिया गया जहाँ उन्हें सुरक्षित माहौल में रखा गया है।
Dhamtari News: प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चियों की माँ ने दूसरी शादी कर ली है और पिता शराब की लत का शिकार है। अपनी नशे की आदतों और जिम्मेदारियों से भागते हुए उसने इन मासूमों को मंदिर के पास बेसहारा छोड़ दिया। दो दिन तक बच्चियां भूख-प्यास से तड़पती रहीं लेकिन पिता को उनके हालात पर तनिक भी दया नहीं आई।
Dhamtari News: पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित किया। बच्चियों के पिता को भी बुलाकर सखी सेंटर में काउंसलिंग दी गई, लेकिन उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। ऐसे में दोनों बच्चियों को महिला एवं बाल विकास विभाग की देखरेख में सखी सेंटर में सुरक्षित रखा गया है।
बच्चियों के पिता ने शराब की लत और पारिवारिक जिम्मेदारियों से बचने के लिए उन्हें रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में लावारिस हालत में छोड़ दिया और खुद मौके से फरार हो गया।
"धमतरी मंदिर में छोड़ी गई बच्चियों को कहां रखा गया है?"
दोनों बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर सखी सेंटर भेजा गया है, जहाँ उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी में सुरक्षित माहौल प्रदान किया गया है।
"धमतरी मंदिर में छोड़ी गई बच्चियों के माता-पिता के बारे में क्या जानकारी है?"
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मां ने दूसरी शादी कर ली है और पिता नशे का शिकार है, जिसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
"क्या 'धमतरी मंदिर में बच्चियों को छोड़ने' वाले पिता के खिलाफ कार्रवाई की गई?"
फिलहाल पुलिस ने पिता को बुलाकर काउंसलिंग की है और मामला महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दिया गया है। यदि ज़रूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
"क्या 'धमतरी मंदिर में छोड़ी गई बच्चियों' को गोद लिया जा सकता है?"
इस विषय में निर्णय महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण आयोग की सिफारिशों के अनुसार लिया जाएगा। इच्छुक अभिभावक कानूनी प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।