Durg Bilaspur Police Commissionerate System: छत्तीसगढ़ के इन दो जिलों में भी लागू होगा कमिश्नर प्रणाली! पुलिस के पास रहेंगे ये अधिकार, गृहमंत्री विजय शर्मा ने दी जानकारी

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छत्तीसगढ़ के इन दो जिलों में भी लागू होगा कमिश्नर प्रणाली! पुलिस के पास रहेंगे ये अधिकार,Durg Bilaspur Police Commissionerate System

  • Reported By: Tehseen Zaidi

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 07:43 PM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 07:47 PM IST

Durg Bilaspur Police Commissionerate System. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में लागू होगा पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम
  • पुलिस को मिलेंगे ज्यादा प्रशासनिक और कानूनी अधिकार
  • बढ़ते अपराध, ट्रैफिक और VIP मूवमेंट को देखते हुए लिया गया फैसला

रायपुरः Durg Bilaspur Police Commissionerate System: छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम लिया जाएगा। राजधानी रायपुर के बाद अब दुर्ग और बिलासपुर में भी कमिश्नरेट लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। औद्योगिक और रेलवे जोन के चलते इन दोनों शहरों में पिछले कुछ समय से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दुर्ग और बिलासपुर में भी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की जाएगी। उनका कहना है कि रायपुर में यह व्यवस्था अच्छा काम कर रही है। इसलिए अब इन दो जिलों में भी इसकी जरूरत महसूस की गई। कमिश्नरेट प्रणाली के तहत पुलिस को ज्यादा अधिकार मिलते हैं, जिससे अपराध पर तुरंत और प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

Durg Bilaspur Police Commissionerate System: दरअसल, वर्तमान में राजधानी रायपुर को छोड़ दें तो ज्यादातर जिलों में पुलिस प्रमुख एसपी (सुप्रीटेडेंट ऑफ पुलिस) होता है। कानून-व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसलों के लिए पुलिस को कलेक्टर पर निर्भर रहना पड़ता है। धारा 144 लगाना, मजिस्ट्रेट शक्तियां, लाइसेंस से जुड़े कई अधिकार कलेक्टर के पास होते हैं। पुलिस और प्रशासन अलग-अलग काम करते हैं। दुर्ग और बिलासपुर जिले में भी इसी व्यवस्था के तहत काम हो रहा है, लेकिन समय के साथ दोनों जिले महानगरों का स्वरूप ले लिया है। अगर इन दोनों जिलों में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होता है तो जिले में पुलिस का मुखिया आयुक्त हो जाएगा और कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसले पुलिस खुद तेजी से ले सकती है। जानकारों के मुताबिक बढ़ती आबादी और शहर में बढ़ते अपराध और ट्रैफिक व्यवस्था समेत VIP मूवमेंट बढ़ने समेत त्वरित कानून-व्यवस्था नियंत्रण के लिए कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया जाता है। दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में भी समय के साथ जनसंख्या और अपराधों में भी वृद्धि हुई है, जिसके चलते पुलिसिंग को मजबूत करने का एक बड़ा फैसला राज्य सरकार ने लिया है।

नई व्यवस्था को लेकर गरमाई सियासत

वहीं राज्य सरकार के इस बडे फैसले के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि राजधानी रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम से कोई फायदा दिखाई नहीं दे रहा है। पहले की तुलना में कोई बदलाव नहीं आया है। जो अधिकारी रिटायरमेंट के करीब है, उनको रायपुर में बैठा दिया गया है। कोई अधिकार दिए नहीं है। वहीं राज्य सरकार दुर्ग और बिलासपुर में भी इसे लागू करने जा रही है। जब तक अधिकारियों को अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक उसका कोई परिणाम सामने नहीं आएगा। जिला पुलिस और पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था में मुख्य अंतर प्रशासनिक अधिकार और कानून-व्यवस्था संभालने के तरीके का होता है।

पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम क्या होता है?

कमिश्नरेट सिस्टम ऐसी व्यवस्था है जिसमें पुलिस आयुक्त को कई प्रशासनिक और मजिस्ट्रेट अधिकार दिए जाते हैं, जिससे पुलिस तेजी से निर्णय ले सकती है।

दुर्ग और बिलासपुर में इसकी जरूरत क्यों महसूस हुई?

दोनों शहरों में बढ़ती आबादी, औद्योगिक गतिविधियां, ट्रैफिक और अपराधों के कारण पुलिसिंग को मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई।

कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने से क्या फायदा होगा?

इससे कानून-व्यवस्था पर तेजी से नियंत्रण, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और अपराध पर प्रभावी कार्रवाई संभव होगी।

वर्तमान व्यवस्था और कमिश्नरेट सिस्टम में क्या अंतर है?

वर्तमान व्यवस्था में कई फैसलों के लिए पुलिस को कलेक्टर पर निर्भर रहना पड़ता है, जबकि कमिश्नरेट सिस्टम में पुलिस को सीधे अधिकार मिल जाते हैं।

छत्तीसगढ़ में अभी कहां कमिश्नरेट सिस्टम लागू है?

फिलहाल राजधानी रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू है, अब इसे दुर्ग और बिलासपुर तक विस्तार देने की तैयारी की जा रही है।