तिरुवनंतपुरम, 20 मई (भाषा) प्रमुख सहकारी दूध कंपनी मिल्मा ने बुधवार को केरलम में एक जून से दूध की कीमत में चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। कंपनी ने इसके पीछे उत्पादन और वितरण लागत में भारी बढ़ोतरी और डेयरी किसानों को बढ़ते नुकसान से बचाने की जरूरत का हवाला दिया।
अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला केरल कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (केसीएमएमएफ) – जिसे आम तौर पर मिल्मा के नाम से जाना जाता है – के निदेशक मंडल की यहां हुई एक बैठक में लिया गया।
मिल्मा के चेयरमैन के.एस. मणि ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि कीमत में बढ़ोतरी का ज्यादातर हिस्सा डेयरी किसानों को दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘एक जून से कीमत में चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया है। चूंकि मिल्मा किसानों का एक समूह है, इसलिए यह फैसला लिया गया है कि बढ़ोतरी का सबसे बड़ा हिस्सा उन्हीं को दिया जाए।’’
उनके अनुसार, बढ़ी हुई राशि का 83.75 प्रतिशत हिस्सा किसानों को मिलेगा।
मणि ने कहा कि चार रुपये प्रति लीटर की कुल बढ़ोतरी में से, डेयरी किसानों को 3.35 रुपये मिलेंगे, जबकि डेयरी सहकारी समितियों को 25 पैसे (6.25 प्रतिशत) मिलेंगे। सहकारी समितियों और विक्रेताओं को भी उचित हिस्सा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नई कीमतें लागू होने के साथ ही, किसानों को दी जाने वाली खरीद कीमत 40.04 रुपये से बढ़कर 43.39 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि मिल्मा बढ़ी हुई राशि में से केवल एक मामूली हिस्सा ले रहा है, और किसानों को दिए जाने वाले हिस्से में कोई कटौती नहीं कर रहा है।
बोर्ड ने पाया कि उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी और कम मुनाफे ने राज्य के डेयरी किसानों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे इस क्षेत्र को बनाए रखने के लिए कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया था।
मिल्मा ने केरल के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी के बाद सूखे जैसी स्थितियों, स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए पड़ोसी राज्यों से खरीदे जाने वाले दूध की बढ़ती कीमतों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण परिवहन और वितरण खर्चों में हुई वृद्धि का भी हवाला दिया।
भाषा राजेश राजेश अजय
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