Bhilai Jama Masjid Protest : “हमारी मस्जिद के बाहर तो हिंदू भाई दुकान लगाते हैं, फिर हमें क्यों रोका?” मुस्लिम व्यापारियों के साथ भेदभाव पर भड़का समुदाय का गुस्सा

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भिलाई में देवबलोदा और राजिम मेले में मुस्लिम व्यापारियों को कथित रूप से व्यापार से रोकने और अभद्रता के विरोध में जामा मस्जिद से समुदाय ने दुर्ग कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

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  • Publish Date - February 18, 2026 / 05:43 PM IST,
    Updated On - February 18, 2026 / 06:51 PM IST

Bhilai Jama Masjid Protest / Image Source : IBC24

HIGHLIGHTS
  • जामा मस्जिद से दुर्ग कलेक्ट्रेट तक मुस्लिम समाज की रैली।
  • मेलों में व्यापार से रोकने के आरोप, कार्रवाई की मांग
  • पुलिस बल की तैनाती के बीच शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपा गया।

भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई में ‘मिनी इंडिया’ की साख और आपसी भाईचारे को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Bhilai Jama Masjid Protest देवबलोदा और राजिम मेले में मुस्लिम व्यापारियों को व्यापार करने से रोकने और उनके साथ हुई अभद्रता के विरोध में आज भिलाई का मुस्लिम समाज सड़कों पर उतर आया।शहर की सभी मस्जिदों के सदर और पदाधिकारी आज जामा मस्जिद में एकत्रित हुए और वहाँ से एकजुट होकर दुर्ग कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। समाज के प्रतिनिधियों ने दुर्ग कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर हिन्दूवादी संगठनों के कथित नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सदर आसिफ बेग का बड़ा बयान

जामा मस्जिद के सदर आसिफ बेग ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम पिछले 25 वर्षों से देवबलोदा और अन्य मेलों में अपनी दुकानें लगा रहे हैं। Durg Collectorate News भिलाई में हमेशा से सभी धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते आए हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से कुछ चुनिंदा संगठनों द्वारा हमें टारगेट किया जा रहा है।” उन्होंने भाईचारे की मिसाल देते हुए कहा कि शहर की सबसे बड़ी जामा मस्जिद के बाहर हर जुमे को हिन्दू भाई फलों के ठेले लगाते हैं, जिस पर कभी किसी मुस्लिम को आपत्ति नहीं हुई फिर मेलों में मुस्लिम व्यापारियों के साथ यह भेदभाव और विरोध क्यों?

पुलिस बल की तैनाती

मस्जिद में भारी संख्या में लोगों को इकट्ठा होते देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँच गया। हालांकि, जब अधिकारियों ने सदर से बातचीत की और मामला समझा कि लोग शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं, तब जाकर तनाव कम हुआ।

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विरोध प्रदर्शन क्यों किया गया?

देवबलोदा और राजिम मेले में मुस्लिम व्यापारियों को कथित रूप से व्यापार करने से रोकने और अभद्रता के विरोध में समाज ने प्रदर्शन किया।

ज्ञापन किसे सौंपा गया?

दुर्ग कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

क्या प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बनी?

मस्जिद में भीड़ एकत्र होने पर पुलिस बल तैनात किया गया, लेकिन अधिकारियों से बातचीत के बाद लोग शांतिपूर्वक कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए।