Galgotias University Robodog Controversy || Image- ASU News File
नई दिल्ली: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एक्सपो में गैलगोटियास यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर प्रदर्शित एक चीनी रोबोडॉग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। (Galgotias University Robodog Controversy) आरोप लगा कि यूनिवर्सिटी ने चीनी कंपनी द्वारा बनाये गए रोबोट को अपना आविष्कार बताकर पेश किया। विवाद बढ़ने के बाद अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी को एक्सपो स्टॉल खाली करने के लिए कहा, जिसके बाद स्टाफ और अधिकारियों ने स्टॉल हटा लिया।
गैलगोटियास यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नितिन कुमार गौर ने सफाई देते हुए कहा कि “डेवलप” और “डेवलपमेंट” शब्दों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी ने रोबोट का निर्माण नहीं किया, बल्कि उसे छात्रों के शोध और अध्ययन के लिए खरीदा था। उनका कहना है कि रोबोट को केवल रिसर्च और प्रोजेक्शन के उद्देश्य से लाया गया था। वहीं प्रोफेसर नेहा सिंह, जिनका एक वीडियो वायरल हुआ था, ने भी कहा कि उन्होंने कभी इसे यूनिवर्सिटी का खुद का आविष्कार नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह रोबोट छात्रों के अध्ययन और रिसर्च के लिए लाया गया था और गलतफहमी के कारण विवाद बढ़ा।
— Galgotias University (@GalgotiasGU) February 18, 2026
विवाद के बाद यूनिवर्सिटी को ऑनलाइन और ऑफलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। संस्थान ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वह छात्रों को एआई प्रोग्रामिंग और आधुनिक तकनीकों की शिक्षा देने के लिए वैश्विक संसाधनों का उपयोग करता है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि निगेटिव कैम्पेन से छात्रों का मनोबल प्रभावित होता है। (Galgotias University Robodog Controversy) बता दें कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट पांच दिवसीय कार्यक्रम है, जिसमें नीति-निर्माता, टेक कंपनियां, शिक्षाविद और उद्योग जगत के विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। इसका समिट का मकसद इंडिया एआई मिशन और डिजिटल इंडिया पहल के तहत एआई के विकास को बढ़ावा देना है।
— Galgotias University (@GalgotiasGU) February 17, 2026
इस पूरे विवाद पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी ने लगभग 2 लाख रुपये कीमत के चीनी रोबोट को अपना आविष्कार बताकर पेश किया और उसकी कीमत 350 करोड़ रुपये बताई। आरजेडी ने इस मामले को भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए संबंधित लोगों पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है।
आरजेडी ने यह भी आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने इस विषय पर सरकारी चैनल डीडी न्यूज को इंटरव्यू दिया। (Galgotias University Robodog Controversy) पार्टी ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन, इंटरव्यू देने वाली प्रोफेसर, पत्रकार और केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच संभावित संबंधों की जांच की मांग की है। साथ ही निजी विश्वविद्यालयों पर अधिक फीस लेने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप भी लगाया।
AI Submit में भारत की वैश्विक बेइज्जती करवाने वाले लोगों पर देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए। 2 लाख के चीनी रोबोट को गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपना बता कर उसे 350 करोड़ का बता दिया। सरकारी चैनल डीडी न्यूज़ पर इंटरव्यू भी दे दिया।
यूनिवर्सिटी के मालिक, इंटरव्यू देने वाली महिला,… pic.twitter.com/Pe2DHwNsNL
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) February 18, 2026
मोदी सरकार की ‘नई शिक्षा नीति 2020 अपने “लक्ष्य” में सफल हुई तो देश में “गलगोटिया यूनिवर्सिटियों” का ही बोलबाला होगा और गरीबों के हाथ से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर फिसलता चला जाएगा!
सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की दुर्दशा और अनदेखी किसी से छुपी नहीं है।
जिसके पास पैसे होंगे, वही…— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) February 18, 2026