किसान की मौत, भाजपा ने किया छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा

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किसान की मौत, भाजपा ने किया छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा

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  • Publish Date - March 15, 2022 / 12:15 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:45 PM IST

रायपुर, 14 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने नई राजधानी के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई एक किसान की मौत को लेकर जमकर हंगामा मचाया।

विधानसभा में सोमवार को भाजपा के सदस्यों ने नई राजधानी में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई किसान की मौत का मामला उठाया और काम रोककर चर्चा कराए जाने की मांग की। जब अध्यक्ष ने विपक्ष की मांग को अस्वीकार कर दिया तब विपक्षी सदस्यों ने हंगामा कर दिया, जिससे सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा और बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर के 27 गांवों के किसान पिछले 70 दिनों से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार के पास उनसे मिलने और उन्हें सुनने का समय नहीं है।

भाजपा विधायकों ने कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने किसानों (नवा रायपुर परियोजना से प्रभावित) से उनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन अब वह उनकी दुर्दशा पर ध्यान नहीं दे रही है।

उन्होंने कहा कि एक किसान सियाराम पटेल (68) की 11 मार्च को विरोध प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने उसके परिजनों को मुआवजे के रूप में केवल चार लाख रुपए ​ही दिये हैं।

भाजपा सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के किसानों को मुआवजे के तौर पर 50-50 लाख रुपए दिये थे जबकि छत्तीसगढ़ के किसान को सिर्फ चार लाख रुपए ही क्यों।

भाजपा पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की घटना में मारे गए चार किसानों के परिवारों को 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की बघेल की घोषणा का जिक्र कर रही थी।

विपक्षी सदस्यों ने कहा कि राज्य में कांग्रेस की किसान विरोधी नीतियों के परिणामस्वरूप कई किसानों ने आत्महत्या की है। उन्होंने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की।

इस बीच राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री शिव कुमार डहरिया ने कहा कि आंदोलनरत किसानों की आठ मांगों में से छह पूरी कर ली गई है।

बाद में जब विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों की मांग को खारिज कर दिया तब विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करने लगे। सदन में हंगामे को देखते हुए तब अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।

भाषा संजीव संजीव राजकुमार

राजकुमार