बीजापुर, दो जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को बीजापुर जिले के कोंडापल्ली गांव में एक दंपत्ति द्वारा संचालित किराने की दुकान का दौरा किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने माओवाद के खात्मे से आए बड़े बदलाव की ओर सबका ध्यान खींचा है।
दुकान के काउंटर के पीछे खड़े होकर मुख्यमंत्री का स्वागत करने वाले मासा टामो और उनकी पत्नी जयमोती, पिछले साल तक माओवादी आंदोलन से जुड़े हुए थे।
मुख्यमंत्री राज्य में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ (सुशासन उत्सव) के तहत इस सुदूर वन क्षेत्र के गांव के दौरे पर थे। एक ग्रामीण चौपाल (जनसंवाद कार्यक्रम) में भाग लेने के रास्ते में उन्होंने अपने काफिले को इस दुकान के सामने रुकवाया।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री साय दुकान के भीतर गए, दंपति से मुख्यधारा में लौटने के उनके सफर के बारे में बात की और दुकान से पानी की एक बोतल खरीदी।
दंपति का हौसला बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता एक नयी शुरुआत का सबसे मजबूत प्रतीक है।
मासा टामो गरीबी और कठिनाइयों के बीच बड़े हुए और कम उम्र में ही उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। शिक्षा और अवसरों की कमी के कारण वे साल 2007 में माओवादी संगठन में शामिल हो गए थे।
वहीं जयमोती, जो बचपन में ही अनाथ हो गई थीं, वे भी इस विद्रोही आंदोलन में शामिल हो गईं। संगठन में काम करने के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और साल 2021 में उन्होंने शादी कर ली।
प्रतिबंधित आंदोलन में वर्षों बिताने के बाद दंपति को यह एहसास हुआ कि हिंसा का रास्ता कोई उम्मीद नहीं देता।
अधिकारी ने बताया कि अक्टूबर 2025 में उन्होंने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
छत्तीसगढ़ को इस साल 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से पूरी तरह मुक्त घोषित किया गया है।
भाषा
सुमित दिलीप
दिलीप