Jhojha Waterfall: सपने में मिला संकेत, फिर खुदाई की और निकल आई मां दुर्गा की प्रतिमा, ग्रामीणों ने बताया चमत्कार, श्रद्धालुओं की बढ़ी भीड़

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Jhojha Waterfall: सपने में मिला संकेत, फिर खुदाई की और निकल आई मां दुर्गा की प्रतिमा, ग्रामीणों ने बताया चमत्कार, श्रद्धालुओं की बढ़ी भीड़

  • Reported By: Sharad Agrawal

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  • Publish Date - September 26, 2025 / 06:02 PM IST,
    Updated On - September 26, 2025 / 06:04 PM IST

Jhojha Waterfall/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • झोझा जलप्रपात में मिली मां दुर्गा की प्रतिमा,
  • ग्रामीणों ने बताया चमत्कार,
  • आस्था का नया केंद्र बना स्थल,

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: Gaurela Pendra Marwahi News: ज़िले का प्रसिद्ध झोझा जलप्रपात इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक जानकारी के मुताबिक यहाँ माँ दुर्गा की प्रतिमा मिलने का दावा किया गया है। यह दावा स्थानीय ग्रामीण मंगल सिंह ने किया है। मंगल सिंह का कहना है कि उन्हें सपने में संकेत मिला कि झोझा जलप्रपात क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा दबी हुई है।

Jhojha Waterfall:  इसके बाद वे गाँव के कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुँचे और वहाँ लगभग तीन से चार फीट गहराई तक खुदाई की। ग्रामीणों का दावा है कि खुदाई के दौरान माँ दुर्गा की छोटी प्रतिमा मिली। जब हमारी टीम मौके पर पहुँची तो वहाँ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। मिली हुई मूर्ति को एक चट्टान पर रखा गया है जहाँ ग्रामीण श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-पाठ कर रहे हैं। पहले जहाँ झोझा जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र था अब वहाँ मूर्ति के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचने लगे हैं।

Jhojha Waterfall:  घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रतिमा खोजने वाले मंगल सिंह ने बताया कि यह उनके लिए एक चमत्कार से कम नहीं है। वहीं समिति अध्यक्ष कैलाश कुमार ने कहा कि इस स्थान को अब धार्मिक महत्व भी मिल गया है। श्रवण नामक ग्रामीण ने भी प्रतिमा मिलने को गाँव के लिए सौभाग्यपूर्ण बताया। फिलहाल प्रतिमा के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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"झोझा जलप्रपात" में माँ दुर्गा की प्रतिमा कैसे मिली?

उत्तर: गाँव के निवासी मंगल सिंह को सपने में संकेत मिला कि झोझा जलप्रपात क्षेत्र में माँ दुर्गा की प्रतिमा दबी हुई है। उन्होंने गाँववालों के साथ मिलकर खुदाई की और वहाँ से एक छोटी प्रतिमा प्राप्त हुई।

क्या "झोझा जलप्रपात दुर्गा प्रतिमा" की कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है?

उत्तर: फिलहाल प्रतिमा के ऐतिहासिक या धार्मिक महत्व की कोई प्रशासनिक या पुरातात्विक पुष्टि नहीं हुई है।

क्या "झोझा जलप्रपात" अब धार्मिक स्थल घोषित हो गया है?

उत्तर: आधिकारिक रूप से नहीं, लेकिन ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान अब धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है।

"झोझा जलप्रपात" कहाँ स्थित है और यहाँ कैसे पहुँचा जा सकता है?

उत्तर: यह छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में स्थित है। आप सड़क मार्ग से स्थानीय कस्बों से होकर यहाँ तक पहुँच सकते हैं।

"झोझा जलप्रपात माँ दुर्गा की प्रतिमा" को लेकर लोग क्या कर रहे हैं?

उत्तर: ग्रामीण और श्रद्धालु प्रतिमा को एक चट्टान पर रखकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। यहाँ पर भीड़ लगातार बढ़ रही है।