नवीन जिंदल समूह झारखंड में करेगा 70,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

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नवीन जिंदल समूह झारखंड में करेगा 70,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 05:47 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 05:47 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) उद्योगपति नवीन जिंदल ने झारखंड में इस्पात, परमाणु ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 70,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने की शुक्रवार को घोषणा की।

जिंदल ने वीडियो संदेश में कहा कि इस संबंध में समूह ने झारखंड सरकार के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे यह घोषणा करते हुए काफी खुशी हो रही है कि नवीन जिंदल समूह ने राज्य में इस्पात, परमाणु ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में 70,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश का प्रस्ताव रखा है।’’

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित निवेश में इस्पात क्षेत्र में 40,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इससे झारखंड के विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और लगभग 10,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) व स्थानीय उद्यमियों आदि के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर पैदा होंगे।

जिंदल ने कहा कि समूह ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी 30,000 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव रखा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, हम झारखंड की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में 650 करोड़ रुपये निवेश करने का भी प्रस्ताव रखते हैं।’’

झारखंड सरकार के साथ हुए समझौते के बारे में जिंदल ने कहा कि राज्य का औद्योगिक आधार मजबूत है। इसके प्राकृतिक संसाधन, कुशल कार्यबल, रणनीतिक स्थिति और उद्यमशीलता की भावना इसे दीर्घकालिक निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बनाती है। यह नया निवेश राज्य के साथ समूह की साझेदारी को और मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इन निवेशों से 11,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा निर्माण, लॉजिस्टिक, विनिर्माण, सेवा और संबद्ध क्षेत्रों में हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे। यह निवेश झारखंड के भविष्य में हमारे विश्वास को दर्शाता है। इससे राज्य की औद्योगिक क्षमता मजबूत होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत की विनिर्माण तथा स्वच्छ ऊर्जा संबंधी महत्वाकांक्षाओं में झारखंड के योगदान को बल मिलेगा।’’

भाषा निहारिका रमण

रमण