High Court On CG Police Bharti: क्या छत्तीसगढ़ में रद्द होगी आरक्षक भर्ती? हाईकोर्ट का आया बड़ा फैसला, जानिए क्या कहा…

High Court On CG Police Bharti: छत्तीसगढ़ में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है।

High Court On CG Police Bharti: क्या छत्तीसगढ़ में रद्द होगी आरक्षक भर्ती? हाईकोर्ट का आया बड़ा फैसला, जानिए क्या कहा…

High Court On CG Police Bharti/Photo Creadit: AI Image

Modified Date: July 8, 2026 / 02:43 pm IST
Published Date: July 8, 2026 2:40 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ आरक्षक भर्ती प्रक्रिया रद्द करने से इनकार किया
  • 129 संदिग्ध उम्मीदवारों की वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जांच कराने के निर्देश
  • कोर्ट ने CBI जांच की मांग भी खारिज कर दी

बिलासपुर। High Court On CG Police Bharti: छत्तीसगढ़ में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने आरक्षक भर्ती परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने से इनकार कर दिया है। डिवीजन बेंच ने कहा कि, कुछ उम्मीदवारों की गड़बड़ी के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना न्यायसंगत नहीं है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि, उम्मीदवारों की गड़बड़ी के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने अब उन 129 संदिग्ध उम्मीदवारों की वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं, जिनकी भूमिका पर सवाल उठे थे।

हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

High Court On CG Police Bharti बता दें, कि बिलासपुर निवासी याचिकाकर्ता विवेक दुबे, मनोहर पटेल, मृत्युंजय श्रीवास और अश्वनी कुमार ने बिलासपुर केंद्र में शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि, लंबी कूद, गोला फेंक और दौड़ में हेर-फेर की गई है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर सीबीआई जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

 संदिग्ध उम्मीदवारों की होगी जांच

High Court On CG Police Bharti कोर्ट ने कहा, यदि गड़बड़ी करने वालों को अलग किया जा सकता है, तो निर्दोष उम्मीदवारों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना मनमाना और अनुचित होगा। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने माना कि यह मामला बड़े पैमाने पर सुनियोजित भ्रष्टाचार का नहीं है। विभाग ने खुद गड़बड़ी मिलने पर जांच की है, इसलिए सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि एसपी द्वारा चिन्हित 129 संदिग्धों और पत्र में उल्लिखित उम्मीदवारों की विस्तृत जांच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराई जाए। यदि वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें सुनवाई का अवसर देने के बाद उनकी नियुक्ति रद्द की जाए।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.