बच्चों में प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ाने शिक्षा विभाग की पहल, प्राचार्यों को दिए ये निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

बच्चों में प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ाने शिक्षा विभाग की पहल, प्राचार्यों को दिए ये निर्देशः Initiative of Education Department to increase practical knowledge in children

बच्चों में प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ाने शिक्षा विभाग की पहल, प्राचार्यों को दिए ये निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

Education Department Extends winter Vacation

Modified Date: November 29, 2022 / 08:20 pm IST
Published Date: June 21, 2022 1:58 am IST

रायपुरः छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब कक्षाओं के साथ प्रयोगशालाएं भी प्रांरभ की जाएंगी। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने निर्देश दिए है कि शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के साथ ही प्रयोगशालाएं भी अनिवार्यतः प्रारंभ होनी चाहिए। संचालक लोक शिक्षण ने सभी संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी और हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि स्कूलों में प्रयोगशालाओं का विधिवत संचालन किया जाए।

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संचालक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य स्तरीय अधिकारियों को जिला आबंटित कर जिलों की शालाओं का संघन निरीक्षण करने का दायित्व सौंपा गया है। इसके लिए संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी और हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों को भी निरीक्षण का लक्ष्य दिया गया है। उल्लेखनीय है कि स्वयं प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग से विभिन्न राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों के संघन दौरे आगामी सप्ताह में होंगे। जिसमें मुख्यतः प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया जाएगा। अतः सभी संबंधितों को निर्देशित किया गया है कि प्रयोगशालाओं की साफ-सफाई कर ली जाए, आवश्यक सामग्रियों की पूर्ति एवं आवश्यक यंत्रों को व्यवस्थित कर लिया जाए। शिक्षा सत्र के प्रारंभ से ही प्रयोग संबंधी गतिविधियों का संचालन अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इस दिशा में किसी भी प्रकार की उदासिनता एवं लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रायः देखने में आया है कि हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल में प्रयोगशालाएं शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होने के साथ ही संचालित नहीं हो पाती है, जिससे शैक्षणिक कार्यों के समांतर प्रायोगिक कार्य गंभीर रूप से प्रभावित होते है।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।