रायपुर। CG Ki Baat चुनावी वक्त में महत्वपूर्ण मीटिंग के दौर में राज्य के मुख्यमंत्री जी का कैंडी क्रश गेम खेलना। सोशल प्लेटफार्म एक्स पर एक बड़े सियासी अखाड़े का रूप ले चुका है। कैंडी क्रश के बहाने कमीशनखोरी, करप्शन गेम से लेकर सदन में अश्लील क्लिप देखे जाने वाले पुराने वीडियोज को खोज कर दिन भर बहस का मोर्चा खुला रहा है। आखिर क्यों, क्या वास्तव में ये इतनी गंभीर बात है या फिर एक हल्की टिप्पणी को दिल पर ले लिया गया। उससे भी जरूरी बात जनता के मुद्दों पर गंभीर डिस्कशन के इस वक्त पर, कैंडी क्रश पर ये लड़ाई क्यों?
CG Ki Baat छत्तीसगढ़ में घोर चुनावी टाइम पर, मोस्टली ‘टाइम पास’ करने वाले, गेम कैंडी क्रश खेलने पर बहस छिड़ी है। मंगलवार रात राजीव भवन में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक से पहले सीएम के कैंडी क्रश खेलते एक तस्वीर वायरल हुई। जिसे बीजेपी आईटी सेल पोस्ट करते हुए। कमेंट किया कि भूपेश जी निश्चिंत है, उन्हें पता है, कितनी भी माथा-पच्ची कर लें, सरकार तो आनी नहीं है, इसलिए प्रत्याशी चयन से संबंधित बैठक में ध्यान देने की बजाय, कैंडी क्रश खेलना उचित समझा। दरअसल,हुआ ये कि स्क्रीनिंग कमेटी मीटिंग के लिए CM भूपेश सबसे पहले राजीव भवन पहुंचे। प्रदेश प्रभारी, डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव आते तब तक सीएम अपने फोन पर कैंडी क्रश खेलने लगे। तस्वीर सामने आई तो भाजपा ने सोशल मीडिया पर तस्वीर पोस्ट कर सवाल उठा दिया। तस्वीर पर विपक्ष की यंग ब्रिगेड से लेकर वरिष्ठ नताओं तक तंज कसा गया।
भाजपा के तंज पर सीएम भूपेश ने खुलकर जवाब दिया और पूर्व सीएम रमन सिंह समेत पूरी बीजेपी को जमकर घेरा। सीएम ने कहा कि कैंडी क्रश खेलना अपराध नहीं उन्होंने कहा हैरान हूं कमीशन का खेल खेलने वालों को गेड़ी चढ़ने, भौंरा चलाने, छत्तसगढिया ओलंपिक कराने के बाद अब मेरे कैंडी क्रश खेलने से भी दिक्कत है।
वैसे, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यहीं नहीं रुके उन्होंने स्वीकारा कि वो तनाव दूर करने अपने फेवरिट गेम कैंडी क्रश को खेलते हैं और खेलते रहेंगे। कैंडी क्रश के बहाने बीते 24 घंटों में कमीशनखोरी, स्कैम गेम, घोटाले के खेल ऐसे तमाम हैशटेग सुर्खियों में हैं। CM और पूर्व CM के बीच ये एक्स वॉर में दोनों खेमे आग उगल रहे हैं। बहरहाल, सियासत के इस खेल में माहिर खिलाड़ी चाहे जो साबित हो लेकिन दलों को ये नहीं भूलना चाहिए कि खेल में आम जनता कहीं खिलौना न बन जाए।