शह मात The Big Debate: नक्सलमुक्ति..फिर वार-पलटवार, सीएम के संबोधन पर क्यों रार? हंगामे से भरा रहा मानसून सत्र का दूसरा दिन, नक्सलमुक्ति पर फिर क्यों गर्म हुई सियासत?

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CG Monsoon Session 2026 2nd Day: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन पक्ष-विपक्ष के प्रस्तावों पर भारी हंगामें बहस और विरोध में बीता

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 11:51 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 11:51 PM IST

CG Monsoon Session 2026 2nd Day/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन भारी हंगामें, बहस और विरोध में बीता।
  • सदन में सरकार ने नक्सवाद के खात्मे पर आभार प्रस्ताव पेश किया।
  • कांग्रेसी विधायकों ने प्रस्ताव में शहीदों के नाम ना होने का आरोप लगाया।

CG Monsoon Session 2026 2nd Day: रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन, पक्ष-विपक्ष के प्रस्तावों पर भारी हंगामें, बहस और विरोध में बीता। सदन में सरकार ने नक्सवाद के खात्मे पर आभार प्रस्ताव पेश किया, कांग्रेसी विधायकों ने प्रस्ताव में शहीदों के नाम ना होने का आरोप लगाया। केंद्र के छग से खर्च राशि लेने पर आपत्ति जताई। विपक्ष ने धन्यवाद प्रस्ताव को केवल चापलूसी के लिए लाया गया प्रस्ताव बताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इधर, प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित सत्तापक्ष ने नक्सलवाद जैसी बड़ी, जटिल और लंबे समय से चली आ रही समस्या के अंत पर केंद्र सरकार का आभार जताया। साथ ही विपक्ष के विरोध को सियासी ढकोसला बताया. आरोप लगया कि कांग्रेस ने सरकार में रहते नक्सवाद के खात्मे पर कोई एक्शन नहीं लिया, इसीलिए अब मुंह छिपा रहे हैं, विपक्ष की खाली कुर्सियों पर भी तंज कसा गया।

एक तरफ सदन में नक्सलवाद के खात्मे पर धन्यवाद प्रस्ताव तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर नक्सल सहयोग के आरोप में जेल में बंद बस्तर के ग्रामीणों के मुद्दे भाजपा की गलत नीति को जिम्मेदार बताया। (CG Monsoon Session 2026 2nd Day) जेल में बंद लोगों के परिजनों ने विधानसभा पहुंचकर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की, ग्रामीण पूर्व CM भूपेश बघेल से भी मिले।

CG Monsoon Session 2026 2nd Day: सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने सरकार के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ पेश किया, जिसे आसंदी ने किया स्वीकार करते हुए, इस पर विस्तार से बहस के लिए 17 जुलाई की तारीख तय की। इसके सदन में होगी विस्तृत चर्चा इसके अलावा, विपक्ष ने प्रश्नकाल में वेदांता मुद्दे पर सरकार से सीधे सवाल दागे, बहस के दौरान विपक्ष ने सदन से किया वॉक आउट भी किया ,तो वहीं विपक्ष ने किसानों की खाद-बीज-बिजली पर समस्या पर स्थगन प्रस्ताव पेश कर सरकार को घेरने का प्रयास किया।

साफ है नक्सलवाद के खात्मे के बाद भी, मुद्दे पर पॉलिटिकल आरोपों से इस पर बहस और विरोध के मोर्चे खुले हुए हैं। बड़ा सवाल ये है कि किसके तर्क में सच्चाई है, किसके आरोप में दम है?

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