Jhiram Ghati Attack Verdict: आज खत्म होगा 13 साल का इंतजार? झीरम घाटी हमले पर आएगा बड़ा फैसला, NIA की विशेष कोर्ट में होगी सुनवाई

Jhiram Ghati Attack Verdict: आज खत्म होगा 13 साल का इंतजार? झीरम घाटी हमले पर आएगा बड़ा फैसला, NIA की विशेष कोर्ट में होगी सुनवाई

Jhiram Ghati Attack Verdict: आज खत्म होगा 13 साल का इंतजार? झीरम घाटी हमले पर आएगा बड़ा फैसला, NIA की विशेष कोर्ट में होगी सुनवाई

Jhiram Ghati Attack Verdict: आज खत्म होगा 13 साल का इंतजार? झीरम घाटी हमले पर आएगा बड़ा फैसला, NIA की विशेष कोर्ट में होगी सुनवाई /image: IBC24 File

Modified Date: September 5, 2026 / 10:53 am IST
Published Date: September 5, 2026 10:52 am IST
HIGHLIGHTS
  • झीरम घाटी केस में 13 साल बाद आज फैसला आने की उम्मीद
  • NIA की विशेष अदालत में 10 आरोपियों पर निर्णय होगा
  • 25 मई 2013 के हमले में 27 लोगों की जान गई थी

जगदलपुर। Jhiram Ghati Attack Verdict: छत्तीसगढ़ के चर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले मामले में 13 साल बाद आज फैसला आ सकता है। जगदलपुर NIA की विशेष अदालत में विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत फैसला सुना सकते हैं। आपको बता दें कि अदालत ने 31 अगस्त को सुनवाई की डेट बढ़ाकर 5 सितंबर 2026 की तारीख तय की थी। वहीं आज झीरम कांड के 10 आरोपियों पर कोर्ट बड़ा फैसला ले सकता है।

गौरतलब है कि 25 मई 2013 को इस नक्सली हमले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ 27 लोग मारे गए थे। भीषण गोलाबारी के बाद चुन-चुन कर कांग्रेस के नेताओं को मारा गया था। हत्या के बाद पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी माओवादियों ने ली थी और माना था कि इस हत्याकांड को उन्होंने एंबुश के जरिए अंजाम दिया है।

केंद्र  सरकार ने एनआईए को सौंपी थी जांच (NIA Jhiram Ghati Case)

Jhiram Ghati Attack Verdict पूरे मामले में घटना (Jhiram Ghati Attack Verdict) के बाद से ही कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस पर सुरक्षा के चूक के आरोप लगाए थे। केंद्र सरकार ने उस वक्त यह जांच एनआईए को सौंप दी थी। एनआईए ने अपनी जांच में 40 मुख्य आरोपियों के साथ डेढ़ सौ से अधिक अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभियोजन के दौरान इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि 10 लोग अब भी पुलिस की हिरासत में हैं।

 खत्म हो गई थी कांग्रेस की टॉप लीडरशिप (Chhattisgarh Jhiram Case)

साल 2013 के आखिर में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले थे। पिछले 2 बार से भाजपा की सरकार थी। 10 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस पूरा जोर लगाना चाह रही थी। कांग्रेस ने पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा निकालने का ऐलान किया है। 25 मई 2013 को सुकमा जिले में परिवर्तन यात्रा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। 25 गाड़ियों में करीब 200 लोग थे। कांग्रेस नेता कवासी लखमा, नंदकुमार पटेल, दिनेश पटेल, महेन्द्र कर्मा, मलकीत सिंह गैदू और उदय मुदलियार समेत छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लगभग सभी शीर्ष नेता काफिले में शामिल थे।

इस तरह से की गई थी 32 लोगों की हत्या (Jhiram Ghati Attack 2013)

Jhiram Ghati Attack Verdict शाम को 4 बजे काफिला जैसे ही झीरम घाटी से गुजरा, तभी नक्सलियों ने पेड़ गिराकर रास्ता रोक दिया। कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही पेड़ों के पीछे छिपे 200 से ज्यादा नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे तक गोलियां चलती रहीं। इसके बाद नक्सलियों ने एक-एक गाड़ी को चेक किया। जिन लोगों की सांसें चल रहीं थी उन्हें फिर से गोली मारी। जिंदा लोगों को बंधक बनाया। हमले में 32 से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई। बताया जाता है कि नक्सलियों का मुख्य टारगेट बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा (Mahendra Karma Jhiram Attack) थे। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि नक्सलियों ने कर्मा को करीब 100 गोलियां मारी थीं और चाकू से शरीर पूरी तरह छलनी कर दिया था। बताया जाता है कि नक्सलियों ने उनके शव पर चढ़कर डांस भी किया था।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.