Kanker BJP Candidate Asharam netam News
कांकेर : भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए अपने पत्ते खोल दिए है। पार्टी ने सभी नब्बे सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का एलान कर दिया है। सत्ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रही भाजपा की निगाह इस बार फिर बस्तर पर है। बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले बस्तर में पिछले चुनाव में पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा था, लेकिन इस बार उन्होंने उम्मीदवारों के चयन को लेकर गंभीरता दिखाई। यही वजह है कि बीजेपी ने सभी 12 सीटो पर ऐसे नामों का चयन किया जिनका सीधा जुड़ाव जनता से हो और जिनपर मतदाता का विश्वास भी कायम हो।
बात करे कांकेर सीट की तो बीजेपी ने इस बार इस सीट को जीतने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। यहाँ से इस बार कमल के निशान पर किसान पुत्र माने जाने वाले आशाराम नेताम मैदान में है। वही उनके सामने होंगे कांग्रेस के शंकर ध्रुव।
बता दे कि कांकेर जिले के बेवरती गांव के रहने वाले हैं और पेशे से खेती किसानी का काम करते हैं। सन 1998 में भाजपा में प्राथमिक सदस्यता लेने के बाद ग्रामीण मंडल मंत्री के पद में 10 साल उन्होंने काम किया और 2010 में महामंत्री ग्रामीण के पद से उन्हें नवाजा गया। नेताम 2014 में मंडल अध्यक्ष बनाये गए। उसके बाद 2015 में जनपद सदस्य पद में निर्विरोध चुनाव जीते, साथ ही 2016 में तुलसी मानस प्रतिष्ठान ब्लॉक के अध्यक्ष रहे। आशाराम नेताम की समाज में पकड़ का ही नतीजा रहा कि 2020 में कांकेर से अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया। वहीं वर्तमान में कांकेर के गोंड आदिवासी समाज में सलाहकार के रूप में भी निर्वाचित हैं।
आशाराम नेताम पिछले ढाई दशक से लगातार भाजपा की रीती-नीति को आगे बढ़ाने और पार्टी को विस्तार देने के काम में जुटे हुए है। वह बेख़ौफ़ होकर भीतरी इलाको में जाकर मतदाताओं और ग्रामीणों से भेंटकर उनकी समस्याए जाननें का प्रयास करते है। अलग-अलग पदों में रहकर भी वह क्षेत्र के आदिवासी भाई-बहनों की आवाज बुलंद करते रहे है। नक्सल समस्यायों को लेकर उनकी समझ भी दूसरों से अलग है। आशाराम नेताम का साफ़ मानना कि उत्तर बस्तर का आदिवासी आज अपनी मूलभूत समस्यायों के लिए जूझ रहा है। मौजूदा राज्य की सरकार में उनकी समस्याएं बढ़ी है। वनांचल क्षेत्रों में आज भी आम आदिवासी परिवार को सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है ऐसे में आशाराम नेताम संकल्पित है कि विधायक बनने पर केंद्र और राज्य की जनजातीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यह सुनिश्चित करेंगे।
आशाराम नेताम कांकेर क्षेत्र में जननेता के तौर पर उभरे है, यही वजह है कि टिकट फाइनल होने से पहले ही उन्होंने कांकेर विधानसभा क्षेत्र में सघन जनसम्पर्क अभियान शुरू कर दिया था। बेदाग़ छवि और मिलनसार व्यक्तित्व की वजह से भाजपा के स्थानीय संगठन का सहयोग उन्हें मिल रहा है और उन्हें विजय दिलाने सभी एकजुट होकर प्रचार-प्रसार करते नजर आ रहे है।
आशाराम नेताम की लोकप्रियता और उनपर बढ़ते विश्वास का नतीजा ही रहा कि उन्हें दशहरा कार्यक्रम में सम्मिलित होने का अभी अवसर मिला। इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वह मुख्य रूप से गोंडी कला एवं संस्कृति को एकजुट करने की दिशा में प्रयास कर रहे है। इस कार्यक्रम में नार्रर (गांव) व्यवस्था को दर्शाया गया है। खेल के माध्यम से सभी वर्ग के लोगों को एकजुट रहने का संदेश दिया जा रहा है। मैं बधाई देना चाहता हूं समस्त समिति के सदस्यों को जिन्होंने सभी समाज को एक जुट करने का काम किया है। और लोगों को बताने और दिखाने के लिए कि गोंडी संस्कृति में हम कैसे अपना जीवन यापन करते है कैसे हम अपनी संस्कृति को अपने अंदर जीवित रखे।
आशाराम नेताम का कहना है कि कांकेर क्षेत्र का विकास पिछले पांच वर्षो से अवरुद्द रहा है। मौजूदा सरकार ने यहाँ के लोगों के कल्याण और क्षेत्र के विकास की दिशा में कोई ठोस काम नहीं किया। युवाओं, महिलाओं और वृद्धजनों के लिए भी संसाधनों की कमी बरकरार रही। आशाराम नेताम का दावा है कि विधायक बनने पर वह क्षेत्र में युवाओं के लिए शिक्षा की दिशा कई अहम और बड़े परियोजनाओं पर काम करेंगे। इसी तरह महिलाओं के स्वरोजगार दिलाने की दिशा में भी उनके पास कई योजनाएं है। आदिवासी अस्मिता के सम्मान और आदिम संस्कृति की रक्षा के लिए भी वह बड़ी पहल करेंगे।
कांकेर के शहरी क्षेत्र में व्याप्त जल, सड़क और विद्युत् की समस्याओं को पूरी तरह ख़त्म करना उनके प्रमुख कार्यों में से एक होगा। आशाराम के इन वादों और दावों का असर भी उनके जनसम्पर्क के दौरान देखने को मिल रहा है। युवा बड़ी संख्या में उनके लिए स्वफूर्त प्रचार कर रहे है। उन्हें विश्वास है कि आशाराम जैसे जनप्रतिनधि के नेतृत्व में उनके सपनो को पंख लगेंगे और उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान हो सकेगा।