Ethanol plant in Kabirdham

Ethanol plant in Kabirdham: सीएम बघेल की पहल से संवरेगा कबीरधाम, इथेनॉल प्लांट से हजारों गन्ना किसानों को मिलेगा लाभ

Ethanol plant will provide employment in Kabirdham सीएम भूपेश बघेल के सत्ता में आने के बाद से ही छत्तीसगढ़ को नई पहचान मिल पाई है।

Edited By :   September 27, 2023 / 11:55 AM IST

 Ethanol plant in Kabirdham : रायपुर। सीएम भूपेश बघेल के सत्ता में आने के बाद से ही छत्तीसगढ़ को नई पहचान मिल पाई है। आज देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ का डंका बज रहा है, जिसका पूरा श्रेय राज्य के मुखिया भूपेश बघेल को जाता है। सीएम ने अपने प्रदेशवासियों का पूरा ख्याल रखा है। प्रत्येक जिले के विकास के लिए सीएम ने तमाम योजनाएं शुरू की, जिसका लाभ आज का प्रत्येक नागरिक उठा रहा है। इसी कड़ी में सीएम बघेल ने कबीरधाम जिले को रोजगार के रूप में गन्ना आधारित ऐथेनॉल उद्योग की स्थापना की।

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गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का संकल्प हो रहा पूरा

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया गया था, उसे पूरा करने के हर संभव प्रयास सरकार द्वारा किए गए हैं। इसके लिए प्रदेश में जहां एक ओर अधोसंरचनाओं के विकास के लिए अनेक निर्माण एवं विकास मूलक कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर पूरा किया गया है। वहीं दूसरी ओर शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने के साथ-साथ रोजगार मूलक कार्यों को बढ़ावा दिया गया है। साथ ही किसान, मजदूर, वनवासी, युवाओं, महिलाओं एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों के लिए आमदनी बढ़ाने के कार्य किए गए है, उन्हें रोजगार से जोड़ा गया है।

बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें उनकी रूचि अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से कबीरधाम जिले के विकास के लिए 355 करोड़ 49 लाख 94 हजार रुपए के 133 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री बघेल 154 करोड़ 69 लाख 02 हजार रुपए की लागत से 50 कार्यां का लोकार्पण और 200 करोड़ 80 लाख 92 हजार रुपए के 83 कार्यों का शिलान्यास किया।

पी.पी.पी. मॉडल से देश का पहला इथेनॉल प्लांट

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कृषि पर आधारित इथेनाल प्लांट प्राथमिकता वाली योजनाओं में है। पीपीपी मॉडल से स्थापित देश के पहले इथेनॉल प्लांट की स्थापना के संबंध में अनुबंध भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने तथा छत्तीसगढ़ डिस्टीलरी लिमिटेड की सहायक इकाई एन.के.जे. बॉयोफ्यूल लिमिटेड के मध्य किया गया है। इथेनॉल संयंत्र की स्थापना से क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे तथा क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि का आधार मजबूत होगा। किसानों को गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा। सीएम बघेल के नेतृत्व में सरकार के गठन के साथ ही किसानों से संबंधित मुद्दे सर्वाेपरि रहे हैं, सर्वप्रथम कृषि ऋणों की माफी की गई तथा गन्ना किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए शक्कर कारखानों की आर्थिक कठिनाई के स्थाई निदान के लिए पीपीपी मॉडल से इथेनॉल प्लांट की स्थापना की गई है। पी.पी.पी. मॉडल से ईथेनॉल प्लांट की स्थापना का पूरे देश में यह पहला उदाहरण है।

कबीरधाम को मिली विकास की नई दिशा

भूपेश कका ने पूरे प्रदेश सहित कबीरधाम जिले के समुचित विकास और जन भावनाओं के अनुरूप विकास की परिकल्पनाओं को सकार करने में पूरा ख्याल रखते है। उन्होंने कहा कि जिले के समुचित विकास, सिंचाई योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना निर्माण, पुल-पुलिया, सड़क, भवन निर्माण सहित सभी समाजों के समग्र विकास का भी सरकार ने ख्याल रखा है। क्षेत्र विकास के लिए हमने जब भी मांग की उन सभी मांगों को मुख्यमंत्री जी ने पूरी तत्परता से स्वीकृति प्रदान की। भेंट-मुलाकात के दौरान समाज प्रमुखों से चर्चा-परिचर्चा की। यह सभी समाजों के लिए यादगार पल भी रहा। गन्ना आधारित ऐथेनॉल उद्योग की स्थापना से कबीरधाम के विकास को और आकार मिला है। आने वाले दिनों में उच्च तकनिकी शिक्षा मेडिकल कॉलेज की स्थापना की परिकल्पना हमारी सरकार ने की है। इस दिशा में हम आगे भी बढ़ रहे है।

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इथेनॉल उद्योग से किसानों को मिलेगा लाभ

 Ethanol plant in Kabirdham : भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के एमडी भूपेन्द्र ठाकुर ने बताया कि इथेनाल प्लांट हाईब्रीड टेक्नालॉजी से है, जिसमें गन्ना पेराई सीजन के दौरान सीधे गन्ने के जूस से तथा आफ सीजन के दौरान मोलासीस से इथेनॉल बनाया जाएगा। गन्ने के रस को इथेनॉल में डायवर्ड करने के कारण अधिक जूस की जरूरत पडे़गी उसकी पूर्ति के लिए किसानों से अधिक से अधिक गन्ना क्रय किया जाएगा। इथेनॉल प्लांट के निर्माण से किसानों को गन्ने के मूल्य का भुगतान समय पर सुनिश्चित हो सकेगा। आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र की आर्थिक एवं तकनीकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पी.पी.पी. मॉडल का चयन किया गया।

राज्य शासन के निर्णय के पालन में प्रथम चरण में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने में पी.पी.पी. मॉडल से इथेनॉल प्लांट की स्थापना की गई है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा में न्यूनतम 80 के.एल.पी.डी. क्षमता के ईथेनॉल प्लांट की स्थापना के लिए देश का पीपीपी मॉडल से पहला उदाहरण होने के कारण निवेशक चयन के लिए प्रक्रिया के सूक्ष्म पहलूओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर निविदा सफलतापूर्वक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से पूर्ण की गई।

 

 

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