No-Confidence Motion in CG Assembly. Image Source- IBC24
रायपुर। No-Confidence Motion in CG Assembly छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को देर रात तक चर्चा जारी रही। लंबी चर्चा के बाद विपक्ष की ओर से लाया गया यह प्रस्ताव गिर गया है। बहस के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार सदन में मौजूद रहे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।
No-Confidence Motion in CG Assembly उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उसके पांच साल के कार्यकाल को घोटालों और भ्रष्टाचार से घिरा बताया। अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए उसी तरह तड़पती है, जैसे मछली पानी के लिए तड़पती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में एक के बाद एक घोटाले किए और प्रदेश की जनता का विश्वास तोड़ा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें तड़पाने का काम किया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया और विकास कार्यों को प्रभावित किया। अरुण साव ने कांग्रेस शासन को “झूठ और फरेब की सरकार” बताते हुए कहा कि जनता ने इसी वजह से विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर भाजपा को जनादेश दिया। उन्होंने राजनीतिक तंज कसते हुए कहा, “ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे कांग्रेस ने ठगा नहीं।”
भाजपा विधायक किरण सिंहदेव ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि साय सरकार को किसी से प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पर जनता और भाजपा दोनों का पूरा भरोसा है। विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने भाजपा के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है, जो सरकार के प्रति विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष ने काफी मेहनत की, लेकिन आरोपपत्र में कोई ठोस आरोप नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होती है तो पिछली और वर्तमान सरकार के कार्यकाल का तुलनात्मक अध्ययन भी होता है। जनता ने पहले विश्वास के साथ कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी, लेकिन बाद में उसका मोहभंग हो गया, जिसके कारण भाजपा को जनादेश मिला।
वहीं भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष 157 पन्नों का प्रस्ताव लेकर आया है, लेकिन उसमें किसी मंत्री के खिलाफ दस्तावेजों के साथ कोई ठोस आरोप प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश को लूटने का काम हुआ। मूणत ने कहा कि कांग्रेस शासन के पांच वर्षों में एक मंत्री को जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय मंत्री मंत्रालय की इमारत में बैठकर काम करने के बजाय अन्य स्थानों से कामकाज करते थे। अविश्वास प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच देर रात तक बहस जारी रही। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के कार्यकाल, उपलब्धियों और कमियों को लेकर अपने-अपने तर्क सदन के सामने रखे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूरे समय सदन में मौजूद रहकर कार्यवाही पर नजर बनाए रहे।
इसके अलावा सीएम साय ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि हमारे साथियों ने विपक्ष को अच्छी तरह से धोया है। कांग्रेस औपचारिकता पूरी करने अविश्वास प्रस्ताव लाई। झूठ बोलने में अगर PHD हो तो ये बहुत विद्वान हो जाते। एक गांव का आदिवासी बेटा मुख्यमंत्री है यह पच नहीं रहा है। कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को वोट बैंक समझा, आदिवासियों के नाम पर विपक्ष बड़ी बड़ी बात करती है।
इसके अलावा सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस सरकार में राजा-महाराजा के बीच कुर्सी की लड़ाई हुई। राजा कुर्सी बचाने में और महाराजा कुर्सी हथियाने में लगे थे। इस बार छत्तीसगढ़ में हम 70 से अधिक सीटें लाएंगे। हमारी सरकार मोदी की गारंटी पर लगातार काम कर रही है। महिलाओं, किसानों, युवाओं, बुजुर्गों के लिए योजनाएं बनाई है। कांग्रेस सरकार में विकास कछुआ गति से चली है।
सीएम साय ने कांग्रेस के विधायकों को कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 में आप भी शिकायत कर सकते है। हमारे नवाचार से कांग्रेस बौखलाई हुई है। कांग्रेस राज्य में 25 साल आने वाली नहीं है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेसी आईना लेकर घूम रहे थे, उसे ही आईना दिखाया है। कांग्रेस की ऐसी धुलाई हुई की डिवीजन भी नहीं मांगे। राहुल गांधी हिडमा से संबंधी पोस्ट कर डिलीट किया था। नक्सल पर कांग्रेस सरकार कोई काम नहीं की।