PESA Act In Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के इन क्षेत्रों को मिलेंगे ज्यादा अधिकार! FRA और PESA के लिए गठित टॉस्क फोर्स की पहली बैठक में बनी रणनीति, सीएम साय ने दिए कई अहम निर्देश

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PESA Act In Chhattisgarh: PESA और FRA एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गठित टास्क फोर्स की शीर्ष समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई।

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  • Publish Date - August 5, 2026 / 10:04 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 10:35 PM IST

PESA Act In Chhattisgarh/Image Credit: CG DPR

HIGHLIGHTS
  • सीएम साय की अध्यक्षता में FRA एवं PESA के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गठित टास्क फोर्स की पहली बैठक संपन्न।
  • पेसा और वन अधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल।
  • राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति करेगी विभिन्न विभागों के नियमों का समन्वय।

PESA Act In Chhattisgarh: रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी मंत्रालय भवन में वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act-FRA) एवं पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (PESA) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गठित टास्क फोर्स की शीर्ष समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम के बेहतर समन्वय, जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन तथा अनुसूचित क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास के लिए आवश्यक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

सीएम साय ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेसा कानून का क्रियान्वयन ग्राम स्वशासन को सशक्त बनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बने। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग एक-तिहाई आबादी आदिवासी समाज से जुड़ी है।ऐसे में उनकी परंपराओं, अधिकारों और विकास को ध्यान में रखते हुए पेसा कानून का प्रभावी और आदर्श मॉडल विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेसा कानून अनुसूचित क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों के हितों की रक्षा करता है। (PESA Act In Chhattisgarh)  इससे स्थानीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, ग्राम सभाओं की भूमिका को मजबूती, रोजगार के अवसरों के विस्तार तथा संतुलित एवं सतत विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा मॉडल तैयार करना है, जिससे विकास और जनभागीदारी साथ-साथ आगे बढ़ें।

FRA और PESA कानून के बीच स्थापित करें समन्वय

PESA Act In Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा कानून (PESA), दोनों कानूनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ही अनुसूचित क्षेत्रों में प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों कानूनों के प्रावधानों को एकीकृत दृष्टिकोण से लागू करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेसा कानून का उद्देश्य ग्राम स्वशासन को मजबूत करना, स्थानीय संसाधनों पर समुदाय की सहभागिता बढ़ाना तथा समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों तक सही जानकारी पहुँचाई जाए तथा किसी भी प्रकार के भ्रम का तथ्यात्मक निराकरण किया जाए।

बैठक में की गई इन कामों की समीक्षा

बैठक में छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम, 2022 के तहत पेसा प्रावधानों के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत प्राप्त, निराकृत एवं लंबित व्यक्तिगत तथा सामुदायिक दावों की स्थिति, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (Community Forest Resource Rights-CFRR) की मान्यता, (PESA Act In Chhattisgarh)  संरक्षण एवं प्रबंधन की प्रगति तथा वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित किए जाने की प्रक्रिया की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति करेगी समन्वय का कार्य

PESA Act In Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेसा कानून के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा एक ही विषय पर बनाए गए अलग-अलग नियमों एवं प्रक्रियाओं के समन्वय के लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति का गठन किया जाएगा, जो विभिन्न विभागों के नियमों का समन्वय एवं अभिसरण सुनिश्चित करेगी। इस समिति में संबंधित विभागों के मंत्री एवं सचिव सदस्य होंगे और यह समिति समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वर्तमान में जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए, ताकि जिला स्तर पर पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभाओं के सशक्तीकरण तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में मौजूद रहे ये जनप्रतिनिधि

बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक नीलकंठ नेताम तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।

बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन मनोज पिंगुआ, (PESA Act In Chhattisgarh)  प्रमुख सचिव आदिम जाति विकास विभाग सोनमणि बोरा, सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग शम्मी आबदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (PCCF) अरुण पाण्डेय, संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रियंका ऋचा महोबिया सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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