जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य: मुख्यमंत्री साय

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जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य: मुख्यमंत्री साय

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 05:54 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 05:54 PM IST

रायपुर, 20 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती बन चुका है इसलिए जल संरक्षण को स्थायी व प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई बैठक में राज्य में ‘जल संचय-जनभागीदारी 2.0’ अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री पाटिल इस बैठक में डिजिटल रूप से शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया।

इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों व गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

साय ने इस दौरान कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है इसलिए जल संरक्षण को स्थायी व प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।

साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया और विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले।

पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल पुनर्भरण, छत पर वर्षा जल संचयन जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में पांच ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण ‘जल संचय-जनभागीदारी 2.0’ के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाम मूलक रणनीति अपनाई जा रही है तथा राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है।

पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।

अधिकारियों ने बताया कि पाटिल ने राज्य के सभी कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा है।

भाषा संजीव जितेंद्र

जितेंद्र