CG Budget Session 2026/Image Source: DD CG
रायपुर: CG Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री टंकराम वर्मा के विभागों से जुड़े बजट अनुदान पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की सदन में गैरमौजूदगी को लेकर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई और अंततः चर्चा का बहिष्कार कर दिया।
CG Budget Session 2026: अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में तेजी से खुल रहे निजी विश्वविद्यालयों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में धड़ल्ले से निजी विश्वविद्यालय खोले गए हैं लेकिन इनके निरीक्षण के लिए उच्च शिक्षा विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई निजी कॉलेजों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, फिर भी छात्रों से फीस ली जा रही है। चंद्राकर ने यह भी कहा कि प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालयों में कुलपति बाहर के राज्यों से नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या छत्तीसगढ़ में योग्य प्रतिभाओं की कमी है।
चर्चा के दौरान जब यह पता चला कि राजस्व सचिव समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी सदन में मौजूद नहीं हैं तो विपक्ष भड़क गया। विपक्षी विधायकों ने कहा कि चर्चा के दौरान अफसरों की मौजूदगी जरूरी है। मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि वह स्वयं सदन में मौजूद हैं और जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष ने अधिकारियों को बुलाने की मांग करते हुए चर्चा का बहिष्कार कर दिया। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि सरकार के मंत्रियों को अधिकारी गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही खत्म हो चुकी है और अधिकारियों की सरकार के प्रति जिम्मेदारी भी कमजोर हो गई है।
CG Budget Session 2026: सदन में रायगढ़ जिले में अलसी बीज वितरण में कथित भ्रष्टाचार का मामला भी उठा। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि बीज निगम ने अपने चहेते ठेकेदार से बीज खरीदकर गड़बड़ी की। उन्होंने कहा कि बीज की ग्रेडिंग के लिए सही व्यवस्था तक नहीं थी। इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।