Daily Wages Employees Regularisation Order: दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश जारी, प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में लगाई मुहर, टीए-डीए के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं

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Daily Wages Employees Regularisation Order: दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश जारी, प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में लगाई मुहर, टीए-डीए के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 08:58 AM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 09:04 AM IST

Daily Wages Employees Regularisation Order: दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश जारी, प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में लगाई मुहर, टीए-डीए के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का दर्जा देने की अनुमति
  • कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ मिलेगा
  • मंत्रि-परिषद की 9 जून 2026 की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी

भोपाल: Daily Wages Employees Regularisation Order मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लेते हुए राज्य एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोगों में कार्यरत 34 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को “स्थायी कर्मी” का दर्जा प्रदान करने की अनुमति दे दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के विशेष प्रयासों से लिए गए इस निर्णय से वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को स्थायित्व, सेवा सुरक्षा तथा विभिन्न शासकीय सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश जारी

Daily Wages Employees Regularisation Order खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस निर्णय के तहत राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग एवं जिला आयोगों में कार्यरत 29 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तथा 5 ऑफिस मोहर्रिर-सह-डिस्पेचर पदों पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी के रूप में मान्यता प्रदान की जाएगी। इस संबंध में विभाग द्वारा औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग के वर्ष 2016 के परिपत्र के अनुसार 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का लाभ देने के लिए शासन की पूर्व अनुमति आवश्यक थी। राज्य सरकार ने इस मामले को विशेष परिस्थितियों वाला प्रकरण मानते हुए “वन टाइम रिलेक्सेशन” प्रदान किया है, जिससे लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

मंत्रि-परिषद की बैठक में स्वीकृति

उल्लेखनीय है कि इस प्रस्ताव को 9 जून 2026 को आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके पश्चात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने संबंधित कर्मचारियों को स्थायी कर्मी घोषित किए जाने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए आदेश जारी कर दिए।

बढ़ेगा कर्मचारियों का मनोबल: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

मंत्री राजपूत ने कहा कि इस निर्णय से कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के साथ-साथ नियमानुसार वेतन निर्धारण, अन्य वित्तीय लाभ एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम कर्मचारी हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और संवेदनशील प्रशासन का प्रमाण है। वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए यह निर्णय नई आशा और विश्वास लेकर आया है। माना जा रहा है कि इस पहल से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा वे अधिक उत्साह, निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। सरकार का यह निर्णय कर्मचारी कल्याण और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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सरकार ने कर्मचारियों के लिए क्या बड़ा फैसला लिया है?

सरकार ने राज्य एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोगों में कार्यरत 34 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का दर्जा देने की अनुमति प्रदान की है।

इस फैसले से कितने कर्मचारियों को लाभ मिलेगा?

कुल 34 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, जिनमें 29 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और 5 ऑफिस मोहर्रिर-सह-डिस्पेचर शामिल हैं।

नियमितीकरण का आदेश किस विभाग ने जारी किया है?

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर कर्मचारियों के नियमितीकरण का औपचारिक आदेश जारी किया है।

कर्मचारियों को स्थायी कर्मी बनने से क्या फायदे मिलेंगे?

उन्हें सेवा सुरक्षा, नियमानुसार वेतन निर्धारण, वित्तीय लाभ, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य शासकीय सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

सरकार ने यह निर्णय किस आधार पर लिया?

सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के तहत इस मामले को विशेष परिस्थितियों वाला मानते हुए राज्य सरकार ने "वन टाइम रिलेक्सेशन" दिया, जिससे लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के हित सुरक्षित हो सकें।