Chhattisgarh Nal-Jal Yojana || Image- IBC24 News File
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने और उनके रोज़मर्रा के कठिनाइयों को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। खासकर पेयजल संकट, जो ग्रामीण इलाकों में वर्षों से गंभीर समस्या रही है, (Chhattisgarh Nal-Jal Yojana) अब ‘जल-संकल्प’ योजना के माध्यम से हल हो रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों और सतत निगरानी के तहत राज्य में जल आपूर्ति की व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति में जबरदस्त प्रगति दर्ज की गई है। अब तक 41 लाख 87 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन लग चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को सीधे शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल रही है। मिशन की शुरुआत से पहले राज्य में सिर्फ 3 लाख 19 हजार घरेलू नल कनेक्शन थे। वर्तमान में 6,572 गांवों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूरा हो चुका है, और 5,564 गांवों को औपचारिक रूप से ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है। बीते दो वर्षों में हर घर जल प्रमाणित गांवों की संख्या में लगभग 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
राज्य में जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन को मजबूत करने के लिए 5,088 ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्रामीणों की सुविधा और जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें से 47 को मान्यता प्राप्त है। आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी सक्रिय किया गया है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पिछले दो वर्षों में दोषपूर्ण कार्यों के कारण 28.38 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया, 629 अनुबंध रद्द किए गए और 11 निर्माण एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
मिशन के तहत महासमुंद जिले के टेड़ीनारा गांव में 2,800 मीटर पाइपलाइन बिछाई गई और 140 घरेलू नल कनेक्शन स्थापित किए गए, जिससे हर घर शुद्ध पेयजल पहुंच पाया। इससे पहले ग्रामीण हैंडपंपों, पावर पंपों और कुंओं पर निर्भर थे, जिससे महिलाओं को दूर से पानी लाना पड़ता था। (Chhattisgarh Nal-Jal Yojana) अब घर तक पानी पहुंचने से उनका समय बच रहा है और वे अपने परिवार और आजीविका संबंधी कामों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं।
सक्ती जिले में अब तक 1,56,245 ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में 456 गांवों के लिए 565 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनकी कुल लागत 601.72 करोड़ रुपए है। जिले के चार विकासखंड सक्ति, जैजैपुर, डभरा और मालखरौदा में जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजनाएं तेजी से पूरी हो रही हैं।
छत्तीसगढ़ की नल-जल योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को घर पर स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके तहत महिलाओं और बच्चों को पानी लाने की मुश्किल से राहत मिलती है और जलजनित रोगों में कमी आती है। योजना में फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC), पाइपलाइन नेटवर्क, जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएं और ग्राम पंचायतों को संचालन व निगरानी सौंपना शामिल है। (Chhattisgarh Nal-Jal Yojana) पानी के स्रोतों को शुद्ध करने के बाद पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए हर घर तक जल पहुँचाया जाता है, और स्थानीय ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां इसकी निगरानी करती हैं। इस तरह, छत्तीसगढ़ का जल जीवन मिशन ग्रामीण जीवन में स्थायी बदलाव लाने और हर परिवार तक सुरक्षित जल पहुंचाने का आदर्श मॉडल बन चुका है।
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