25 साल बाद मिले साइंस कॉलेज B.Sc के सहपाठी, भावुक पलों के बीच हुआ उपलब्धि हासिल करने वाले दोस्तों का सम्मान

साइंस कॉलेज के बी एस सी 1996 बैच के विद्यार्थियों ने व्हाट्सप ग्रुप में प्लान करना शुरू किया उसके बाद कारवा जुड़ता गया, सबने मिलने ठानी। क्रिसमस की शाम को निजि होटल में शाम 6 बजे सब जुट गए।

25 साल बाद मिले साइंस कॉलेज B.Sc के सहपाठी, भावुक पलों के बीच हुआ उपलब्धि हासिल करने वाले दोस्तों का सम्मान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: December 26, 2021 8:19 pm IST

रायपुर। एक लंबे अरसे के बाद दोस्तों से मिलने की खुशी क्या होती है यह बीते दिन रायपुर के एक निजी होटल में देखने को मिला। दरअसल, वाकया उस समय का था जब मुंबई से आये दोस्त ने सबसे मिलने की इच्छा जाहिर की। साइंस कॉलेज के बी एस सी 1996 बैच के विद्यार्थियों ने व्हाट्सप ग्रुप में प्लान करना शुरू किया उसके बाद कारवां जुड़ता गया, सबने मिलने ठानी। क्रिसमस की शाम को निजि होटल में शाम 6 बजे सब जुट गए। मिलने का उत्साह इतना था कोई अपनी मीटिंग छोड़कर आया तो कोई 450 किलोमीटर दूर से, तो कोई कोरिया से उसी दिन पहुँचा।

राकेश नहीं पहुँच सका तो वर्चुअली जुड़ गया, एक बंधु तो अपने जन्मदिन की पार्टी छोड़कर शामिल हुआ। मिलते ही सबके चेहरे खुशी से चमक उठे। सबसे पहले सबने मिलकर केक काटा, यह मिलन केक था। लड़कियों ने एक दूसरे से कहा कि तुम कितनी बदल गई हो, किसी ने कहा ज्यादा तो नहीं बदली पर पहले से मोटी हो गई। लड़को ने कहा कि तुम्हारे तो बाल गायब हो गये हैं, तुम्हारी दाढ़ी कितनी बढ़ गई है। कुछ देर वेट करने के बाद सब इकट्ठे हो गये। शार्ट टाइम में इतने अच्छे इवेंट के साथ इतनी सारी सँख्या में सबके आने की उम्मीद नहीं थी।

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जयेश ने एंकर की भूमिका संभाली। एक एक करके सबको बुलाया, स्टेज में आकर सबने परिचय दिया। तारनी ने कहा जो पहले दोस्त थे आज मिलकर लग रहा है कि सब एक परिवार के सदस्य हो गए, यह कहते सब भावुक हो गए। मनोज ने बताया कि उसने तीन पीएचडी की तो सभी ने तालियां बजाई। शैलेन्द्र ने जब कहा कि वे फिल्में डायरेक्ट करता है उसी समय कुछ स्टोरी के ऑफर आ गए। ट्विन्स शर्मा बन्धु को देखते ही सब फिर से दिमॉग लगाने लगे कि कौन प्रवीण है या रविंद। उन्होंने उसे अगला कार्यक्रम उनके फार्म हाउस में रखने का आम आमंत्रण दे दिया।

इसी बीच देहरादून में बैठी नीतू से सबने वीडियो कॉल से बात की। अब नीरजा की बारी थी जिसने मधुर गायक़ी से सबका मन मोह लिया। सबने पुरानी यादें शेयर की, किसी ने बताया कि सेकण्ड ईयर में पहले दिन पहले बेंच में बैठने की कितनी जद्दोजहद थी। सचिन ने केमेस्ट्री लैब में किये गए प्रेक्टिकल को याद किया। सोनाली ने ने इंगले सर की सीख को याद किया। इस बीच महेश्वरी मैडम की जूलॉजी पढ़ाने की ट्रिक याद की तो अविनाश सर का मजाकिया अंदाज को याद किया।

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अब वह समय था जब सबकी उपलब्धि बताई जानी लगी। जितेन्द्र ने जब बताया कि वह युवा चेम्बर का कार्यकारी पदाधिकारी है तो सबने खुशियां जाहिर की और तुरंत शाल श्री फल से सम्मानित किया। अंत में सबने एक साथ डिनर लिया और अनिल, पंकज, अर्चना को उनके द्वारा किये गए प्रयास के लिए धन्यवाद दिया। उसके बाद सब शानदार यादें लेकर विदा हुए।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com