CM Vishnu Deo Sai on Petrol Diesel: पेट्रोल-डीजल संकट के बाद भी खेती के लिए किसानों को नहीं होगी डीजल की कमी, सीएम साय ने किसानों के लिए कर दी खास व्यवस्था, जानिए कैसे मिलेगा ईंधन

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CM Vishnu Deo Sai on Petrol Diesel: पेट्रोल-डीजल संकट के बाद भी खेती के लिए किसानों को होगी डीजल की कमी, सीएम साय ने किसानों के लिए कर दी खास व्यवस्था, जानिए कैसे मिलेगा ईंधन

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 10:25 AM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 10:43 AM IST

CM Vishnu Deo Sai on Petrol Diesel: पेट्रोल-डीजल संकट के बाद भी खेती किसानों के लिए नहीं होगी डीजल की कमी, सीएम साय ने किसानों के लिए कर दी खास व्यवस्था, जानिए कैसे मिलेगा ईंधन / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • ट्रैक्टर और सिंचाई पंपों हेतु डीजल की निर्बाध उपलब्धता
  • ड्रम और जरीकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक
  • छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 5.55 करोड़ लीटर डीजल

रायपुर: CM Vishnu Deo Sai on Petrol Diesel मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेतों की जुताई के लिए ट्रैक्टरों तथा सिंचाई पंपों हेतु किसानों को आवश्यकता अनुसार डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।

किसानों को हर हाल में मिलेगा डीजल

CM Vishnu Deo Sai on Petrol Diesel मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खरीफ सीजन की तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन तथा ऑयल कंपनियों को निर्देशित किया है कि किसानों को डीजल समय पर और बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा है कि आगामी खरीफ सीजन में खेती के लिए किसानों को डीजल सुगमता से प्राप्त हो, इसका ध्यान सभी ऑयल कंपनी और जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से रखा जाये।

ड्रम एवं जरीकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक

उल्लेखनीय है कि खाद्य विभाग द्वारा 22 मई 2026 को जारी निर्देशानुसार पेट्रोल एवं डीजल के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों से ड्रम एवं जरीकेन में ईंधन प्रदाय पर प्रतिबंध लगाया गया है।हालांकि किसानों की जरूरतों और खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए इस व्यवस्था में आवश्यक छूट प्रदान की गई है, ताकि खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई कार्य बाधित न हों।

छत्तीसगढ़ में 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक

खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता पर्याप्त है। वर्तमान में प्रदेश में 4 करोड़ 03 लाख लीटर पेट्रोल तथा 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, 24 मई 2026 को राज्य को 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल तथा 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। राज्य में आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की नियमित आपूर्ति जारी है।

पेट्रोल पंपों की सतत निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार खरीफ सीजन के दौरान खेती-किसानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों को आवश्यक समन्वय और सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

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किसानों को डीजल उपलब्ध कराने को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्या निर्देश दिए हैं?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों और ऑयल कंपनियों को निर्देश दिया है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को ट्रैक्टर और सिंचाई पंपों के लिए आवश्यकता अनुसार डीजल आसानी से उपलब्ध कराया जाए।

क्या छत्तीसगढ़ में ड्रम और जरीकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध लगाया गया है?

हाँ, खाद्य विभाग ने 22 मई 2026 से पेट्रोल और डीजल के दुरुपयोग को रोकने के लिए ड्रम और जरीकेन में ईंधन देने पर रोक लगाई है।

किसानों को इस प्रतिबंध से कोई छूट मिलेगी?

हाँ, खरीफ सीजन की खेती, जुताई, बोवाई और सिंचाई कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए किसानों को आवश्यक छूट प्रदान की गई है।

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कितना पेट्रोल और डीजल स्टॉक उपलब्ध है?

खाद्य विभाग के अनुसार राज्य में 4 करोड़ 03 लाख लीटर पेट्रोल और 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है।

पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर सरकार ने क्या व्यवस्था की है?

राज्य सरकार ने जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों को समन्वय बनाकर पेट्रोल पंपों की सतत निगरानी करने तथा ईंधन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।