Dr Raman Singh on Naxalism: “छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खिलाफ दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई जीती है” .. विधानसभा में भावुक हुए नेता.. माओवाद मुक्ति में शामिल जवानों को किया सलाम..

Dr. Raman Singh's statement on the Naxal-free movement: विधानसभा में नक्सलवाद पर चर्चा, मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षा बलों के योगदान और बस्तर विकास की उपलब्धियां गिनाईं।

Dr Raman Singh on Naxalism: “छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खिलाफ दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई जीती है” .. विधानसभा में भावुक हुए नेता.. माओवाद मुक्ति में शामिल जवानों को किया सलाम..

Dr. Raman Singh's statement on the Naxal-free movement || Image- IBC24 News File

Modified Date: July 14, 2026 / 10:41 pm IST
Published Date: July 14, 2026 10:40 pm IST
HIGHLIGHTS
  • नक्सलवाद के खिलाफ सफलता पर विधानसभा भावुक।
  • मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों को दिया श्रेय।
  • बस्तर में विकास योजनाओं को मिली रफ्तार।

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खिलाफ दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई जीती है। (Dr. Raman Singh’s statement on the Naxal-free movement) उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समय बस्तर में सबसे अच्छे अधिकारियों की तैनाती की गई थी। उन्होंने नक्सल अभियान में शामिल सभी जवानों को सलाम करते हुए कहा, “जहां कभी बारूद बिछता था, वहां आज सड़कें बन रही हैं।” सदन में इस दौरान कई विधायक भी भावुक नजर आए।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

सीएम बोले ‘केंद्र, सुरक्षा बल और जनता के सहयोग से मिली सफलता’

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्षों तक नक्सल हिंसा का सामना किया, लेकिन अब केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तर की जनता के सहयोग से प्रदेश इस चुनौती से बाहर निकल रहा है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी और केंद्रीय सुरक्षा बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस तथा सभी सुरक्षा एजेंसियों के योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा अभियान तेज हुए। 24 अगस्त 2024 को रायपुर में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर अभियान को और गति दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हिंसा छोड़ने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष नीति लागू की है। (Dr. Raman Singh’s statement on the Naxal-free movement) इसके तहत आर्थिक सहायता, जमीन, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।

बस्तर में विकास को मिली नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब सरकार का फोकस बस्तर के विकास पर है। ‘बस्तर रोडमैप 2.0’, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के तहत हजारों गांवों में योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षा कैंपों को ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां लोगों को सरकारी सेवाएं और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि बस्तर में 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। वहीं लाखों राशन कार्ड, जनधन खाते, आयुष्मान कार्ड, वनाधिकार पट्टे और किसान क्रेडिट कार्ड भी बनाए गए हैं।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

सड़क, रेल, आवास और शिक्षा पर भी काम

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में 1.76 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। नक्सल प्रभावित गांवों में बंद पड़े 421 स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं और 36 नए स्कूल स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और जगदलपुर हवाई सेवाओं के विस्तार पर तेजी से काम चल रहा है। (Dr. Raman Singh’s statement on the Naxal-free movement) उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है, ताकि क्षेत्र शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ सके।

इन्हें भी पढ़ें:

महाराष्ट्र सरकार ने ‘लाडकी बहिन योजना’ से पात्र लाभार्थियों के नाम हटाए, यह विश्वासघात है: कांग्रेस

एनसीएलटी ने जून तिमाही में 5,518 करोड़ रुपये की 78 समाधान योजनाओं को मंजूरी दी

जुबिलेंट फूडवर्क्स को 46.9 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस, कंपनी देगी चुनौती

नगालैंड में आईईडी विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान तेज किया

प्रशासन ने 17 जुलाई को होने वाले राहुल गांधी के कार्यक्रम की जगह बदलने को कहा: कांग्रेस


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown