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Rationalizing schools in Raipur: जिले में 385 स्कूल मर्ज.. हर 60 स्टूडेंट्स के लिए 2 टीचर, यहां पढ़ें सरकार कैसे कर रही है स्कूलों का युक्तियुक्तकरण

How is schools rationalized?

How is schools rationalized? | Image- ANI News File

How is schools rationalized?: रायपुर: शासन के निर्देश पर जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर राजधानी रायपुर जिले के कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि, रायपुर में अब 1 हजार 33 स्कूलों की व्यवस्था है। युक्तियुक्तकरण के तहत 385 विद्यालय मर्ज, 4 स्कूलों का समायोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि मर्ज प्रक्रिया से पहले राजधानी रायपुर में 14 सौ 22 स्कूल थे। इसी तरह युक्तियुक्तकरण के तहत 1013 अतिशेष शिक्षक निकले लिहाजा अतिशेष शिक्षकों को रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।

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क्या है युक्तियुक्तकरण?

गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों के स्कूलों में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। शासन के आदेश के तहत प्रदेश के 10 हजार 463 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। विपक्षी दलों के विरोध के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जहां युक्तियुक्तकरण को छात्रों के हित में बताया हैं। हालांकि विपक्षी दलों के साथ ही शिक्षक संगठनों की ओर से भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पिछले दिनों शिक्षक संगठनों ने मंत्रालय का घेराव भी किया था।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ के 54 हजार 185 स्कूल में से 297 स्कूल शिक्षकविहीन है और 7 हजार 127 स्कूल एकल शिक्षक हैं। इसी असमानता को दूर करने के लिए सरकार ने युक्तियुक्तकरण करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 10 हजार 4 सौ 63 स्कूल शामिल किए गए हैं। युक्तियुक्तकरण के तहत जिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक है, उन्हें शिक्षक विहीन या कम शिक्षक वाले स्कूल में भेजा जाएगा और जिन स्कूलों में छात्राओं की संख्या कम है। उन छात्रों को नजदीक के स्कूल में मर्ज किया जाएगा।

बरती लापरवाही, बम्हनीडीह BEO सस्पेंड

गौरतलब हैं कि, स्कूल शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण संबंधी निर्देशों के पालन में लापरवाही बरतने पर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा एम.डी. दीवान को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की यह कार्रवाई आयुक्त बिलासपुर संभाग बिलासपुर द्वारा की गई है।

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शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह विकासखण्ड में पदस्थ अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन कर वरीयता सूची तैयार की जानी थी। जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा द्वारा कलेक्टर को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा तैयार की गई वरीयता सूची में अनियमितताएं पाई गईं हैं। सूची की त्रुटियों को काउंसलिंग के पूर्व ठीक कर प्रक्रिया तो पूर्ण कर ली गई, लेकिन वरीयता सूची तैयार करने में बरती गई लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर, जांजगीर-चांपा द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया था। इसी के आधार पर बिलासपुर संभागायुक्त ने बीईओ दीवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, स्कूल शिक्षा विभाग, बिलासपुर संभाग, बिलासपुर नियत किया गया है।

एम डी दीवान Do बहमनिडीह निलंबन आदेश by satya sahu on Scribd

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