IPS Officers Adopt Police Stations: छत्तीसगढ़ के 125 IPS अफसरों ने थानों को लिया गोद.. प्रदेश के DGP ने रतनपुर थाने को किया एडॉप्ट, जानें किसने दी थी ये सलाह

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छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग व्यवस्था मजबूत करने के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारियों ने थानों को गोद लिया है। बीट पुलिसिंग और जनसंवाद पर विशेष जोर रहेगा।

  • Reported By: Tehseen Zaidi

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 04:29 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 04:30 PM IST

IPS Officers Adopt Police Stations in Chhattisgarh || Image- AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • 125 से ज्यादा अधिकारियों को थानों की जिम्मेदारी
  • डीजीपी अरुणदेव गौतम ने रतनपुर थाना गोद लिया
  • बीट पुलिसिंग और जनसंवाद होगा मजबूत

रायपुर: छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और पुलिस-जन संवाद मजबूत करने के लिए वरिष्ठ आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को अलग-अलग थानों की जिम्मेदारी दी गई है। (IPS Officers Adopt Police Stations in Chhattisgarh) राज्य में 125 से ज्यादा अधिकारियों ने थाने गोद लिए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बीट पुलिसिंग को मजबूत करना और थानों की कार्यप्रणाली में सुधार लाना है।

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पीएम मोदी ने दी थी अफसरों को सलाह

बताया गया कि पिछले साल नवा रायपुर में आयोजित 60वीं अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को एक-एक थाना गोद लेने का सुझाव दिया था। इसी के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस ने यह पहल शुरू की है।

जानें किस अफसर ने किस थाने को लिया गोद

इस व्यवस्था के तहत डीजीपी अरुण देव गौतम ने बिलासपुर जिले के रतनपुर थाने को गोद लिया है। वहीं आईपीएस एसआरपी कल्लूरी को बस्तर के कोतवाली थाना, प्रदीप गुप्ता को महासमुंद के तुमगांव थाना और विवेकानंद को कांकेर के चरामा थाना की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी तरह दीपांशु काबरा को अंबिकापुर कोतवाली, अमित कुमार को राजनांदगांव के लालबाग, डॉ. आनंद छाबड़ा को रायगढ़ के घरघोड़ा, ओपी पाल को सारंगढ़-बिलाईगढ़ के बिलाईगढ़, अजय यादव को मुंगेली के पथरिया और डॉ. संजीव शुक्ला को रायपुर के टिकरापारा थाना की जिम्मेदारी मिली है। (IPS Officers Adopt Police Stations in Chhattisgarh) इसके अलावा अमरेश मिश्रा को बलौदाबाजार के हथबंध, बीएन मीणा को बालोद के गुंडरदेही, एमएल कोतवानी को दुर्ग के अमलेश्वर और आजाद शत्रु को महासमुंद कोतवाली थाना गोद दिया गया है।

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क्या होगी अफसरों की जवाबदारी?

अधिकारियों का मुख्य फोकस बीट पुलिसिंग और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने पर रहेगा। इससे इलाके में संदिग्ध गतिविधियों, नए लोगों की आवाजाही और अपराधियों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। साथ ही पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। गोद लिए गए थानों में रिकॉर्ड का बेहतर रखरखाव, मालखानों का आधुनिकीकरण, लंबित मामलों का निपटारा और शिकायतों के समय पर समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय करने और थानों की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी काम किया जाएगा।

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Q1. छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों को थाने क्यों गोद दिए गए?

पुलिसिंग सुधार, बीट व्यवस्था मजबूत करने और पुलिस-जन संवाद बेहतर बनाने के लिए यह पहल की गई है।

Q2. छत्तीसगढ़ में कितने अधिकारियों को थानों की जिम्मेदारी मिली?

राज्य में 125 से ज्यादा IPS और राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को अलग-अलग थानों की जिम्मेदारी दी गई है।

Q3. थानों की निगरानी में किन मुद्दों पर फोकस होगा?

रिकॉर्ड संधारण, लंबित मामलों का निपटारा, मालखाना आधुनिकीकरण और शिकायतों के समाधान पर फोकस होगा।