Kawasi Lakhma Latest News/Image Source: IBC24
रायपुर: Kawasi Lakhma Latest News: शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किए गए छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज जेल से रिहा (kawasi lakhma bail ) होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सशर्त अंतरिम जमानत प्रदान की है जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे। मामले में लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ अंतरिम जमानत मंजूर (Kawasi Lakhma Interim Bail) की है।
Chhattisgarh liquor scam बता दें कि छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा एक साल से भी अधिक समय बाद जेल से बाहर आएंगे। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें शर्तों के साथ जमानत दी है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा। लखमा सिर्फ पेशी के लिए छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और पता व मोबाइल नंबर पुलिस थाने में दर्ज कराना होगा।
Kawasi Lakhma Latest News: बता दें कि शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर करीब ढाई घंटे सुनवाई हुई। वकीलों की दलीलें सुनन के बाद कोर्ट ने कवासी लखमा को सशर्त जमानत दी है। ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Chhattisgarh liquor scam शराब घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही शराब घोटाले के केस में ईओडब्ल्यू ने केस भी दर्ज किया था। कवासी लखमा तब से जेल में हैं। हाल ही में ईडी ने कवासी लखमा के खिलाफ चार्जशीट भी पेश की है। Kawasi Lakhma Bail From SC
Kawasi Lakhma Latest News: शराब घोटाला उस समय हुआ था जब राज्य में भूपेश बघेल की सरकार थी और कवासी लखमा आबकारी विभाग के मंत्री थे। आरोप है कि शराब माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए कवासी लखमा ने नियमों को शिथिल किया इसके साथ ही उन्हें इस सिंडिकेट से हर महीने 2 करोड़ रुपये का कमीशन मिलता था।
Kawasi Lakhma Latest News: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। ED ने इस मामले में एसीबी में FIR दर्ज कराई है, जिसमें करीब 3,200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का दावा किया गया है। FIR में राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के नाम शामिल बताए गए हैं। ED के अनुसार, तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।