Mud, lotus...'Lakshmi', the war is still left! Even after voting on 11 seats, attacks and counter attacks continue
रायपुर। छत्तीसगढ़ में वोटिंग का दौर भले ही पूरा हो गया हो, लेकिन आरोपों की अंधड़ और तेज होता दिख रहा है। इस बार खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रदेश कांग्रेस को निशाने पर लिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि हमने विकसित भारत के संकल्प पर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस नेताओं ने मोदी-शाह और बीजेपी पर कीचड़ उछालने, भ्रम फैलाने से काम चलाया तो वहीं, कांग्रेस ने पलटवार में बीजेपी के आला नेताओं के बयानों के बहाने आईना दिखाने की कोशिश की। कुल मिलाकर सवाल ये ही असल मुद्दे पर चुनाव किसने लड़ा, किसने जनता के मुद्दों की बात की और किसने असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की।
छत्तीसगढ़ में शुरूआती 3 चरणों में सभी 11 लोकसभा सीटों पर मतदान खत्म होने के बाद कुछ इस अंदाज में बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस को निशाने पर लिया और कहा कि भाजपा का पूरा चुनाव अभियान ‘विकसित भारत’ विजन पर था, जबकि कांग्रेस पार्टी और खासकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और डॉ महंत जैसे नेताओं ने सिर्फ झूठ, बदजुबानी से काम चलाया। कांग्रेस ने संविधान और आरक्षण पर लगातार भ्रम फैलाए, फर्जी वीडियो वायरल किए, यहां तक कि ‘मोदी की गारंटी’ तहत चल रही योजनाओं के बंद होने की झूठी अफवाहें भी फैलाई।
नफरत ऐसी कि हम आदिवासियों के खान-पान तक का उपहास किया। नस्लीय टिप्पणी की, लेकिन जितना भी कीचड़ ये फैलाते गये, उतना ही कमल खिलता गया। वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कांग्रेस पर तंज कसा कि कांग्रेस की महालक्ष्मी न्याय योजना धोखा है, जो पार्टी अपने ऑफिस का बिजली बिल नहीं दे पा रही है, वो महिलाओं को पैसा कहां से देगी।
बीजेपी के आरोप पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा, कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और डिप्टी CM को अपने वरिष्ठ नेताओं का बयान याद करना चाहिए। पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंह देव ने याद दिलाया कि देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बयान हमेशा मर्यादा के विपरीत रहे हैं। चुनावी माहौल में मुद्दों को छोड़ आरोप-प्रत्यारोप की सियासत गर्माना नया नहीं है। PM मोदी के लिए कहे गए शब्द हों या अमित शाह के फेक वीडियो पर गर्माई बहस, इससे चुनावी दौर में माहौल काफी गर्माया रहा, लेकिन क्या चुनावी रण में जनता को ये भाया, क्या इस बनाए गए माहौल का नतीजों पर असर पड़ा? इसका जवाब 4 जून को EVM के खुलने पर ही साफ होगा।