Results from INDIA meeting
INDIA meeting: रायपुर। ‘खड़गे जी के नाम का प्रस्ताव मैंने किया था, लोग पूछते हैं कि तुम्हारा पीएम दावेदार कौन है, तो खड़गे जी का नाम किया था, जिसका अरविंद जी ने समर्थन किया है’ ममता का ये बयान और उस पर अरविंद केजरीवाल का समर्थन। 24 के दंगल में विपक्षी गठबंधन का हथियार है या फिर गांधी-नेहरू परिवार पर घटता एतबार है। इस सवाल का जवाब भी उतना ही उलझा हुआ है, जितना कि आई.एन.डी.आई.ए. की बैठक से नतीजे निकले हैं।
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5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस महज तेलंगाना जीत पाई है। ऐसे में विपक्षी गठबंधन को ये समझ आ रहा है कि हिंदी पट्टी में मोदी से मुक़ाबला आसान नहीं है और कांग्रेस की नैया पार लगने का दक्षिण पर ही दारोमदार है। ऐसे में मल्लिकार्जुन खड़गे का दक्षिण भारतीय और दलित होना राहुल या प्रियंका के मुकाबले ज्यादा फ़ायदेमंद हो सकता है। लेकिन, पुराने कांग्रेसी खड़गे खुद को उस परिवार से ऊपर कतई नहीं रखना चाहते क्योंकि गैरों का साथ तो भविष्य की बात है, कहीं अपने ही दल में दरकिनार न हो जाएं।
ममता ने गेंद खड़गे की तरफ उछाली थी, जिसे खड़गे ने राहुल की ओर जाने दिया। लेकिन, नीतीश और लालू यादव ने अपना खेल खराब होता देख पिच ही छोड़ने का मिजाज जाहिर कर दिया। सबके भाषणों का हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद हो रहा था। तो मौका देखकर नीतीश हिंदी के नाम पर ही खेल गए और संकेत दे गए कि जब पहले वो दावेदार थे तो अब अचानक खड़गे कहां से आ गए? नीतीश तो बाहर कुछ नहीं बोले लेकिन दलित मुद्दे को लेकर चिराग पासवान ने घेर डाला।
INDIA meeting: कुल मिलाकर बाहर ये आया कि मिलकर चुनाव लड़ने पर 28 दल सहमत हैं। पीएम की बात फिलहाल नहीं होगी और सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर 22 दिसंबर को विपक्षी गठबंधन शक्ति प्रदर्शन करेगा और जो बात खुलकर बाहर नहीं आई वो ये कि राहुल गांधी का नाम आगे रखने से 24 में नुकसान का अंदेशा है, इसलिए सामूहिक नेतृत्व में पहले चुनाव लड़ लिया जाए और नतीजों के बाद दावेदार तय किया जाए।