Mandi Shulk Fee Exemption News: किसानों और चावल निर्यातकों को बड़ा तोहफा, साय सरकार ने मंडी शुल्क में छूट इतने साल के लिए बढ़ाई, इंटरनेशनल राइस समिट में सीएम ने की घोषणा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में चावल निर्यातकों को मंडी शुल्क में एक साल की छूट देने की घोषणा की। इससे किसानों और निर्यातकों दोनों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 03:58 PM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 04:33 PM IST

Mandi Shulk Chhut News/Image Source: CG DPR

HIGHLIGHTS
  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चावल निर्यातकों को मंडी शुल्क में एक साल की छूट की घोषणा की।
  • इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में 12 देशों के बायर्स और 6 देशों के दूतावास प्रतिनिधि शामिल हुए। छ
  • छत्तीसगढ़ से 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के नीजि रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए। Mandi Shulk Chhut News इस अवसर पर उन्होंने चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात दी है। मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई है। इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान सीएम साय ने की घोषणा से चावल निर्यातकों और किसान दोनों के लिए बड़ी सौगात है। साथ ही कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती हो रही है, जिसे और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।

छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में 12 देशों के बायर्स तथा 6 देशों के एम्बेसी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ को सोच-समझकर “धान का कटोरा” कहा था और आज प्रदेश इस नाम की सार्थकता सिद्ध कर रहा है। चावल छत्तीसगढ़ के खानपान का अभिन्न हिस्सा रहा है और यहां हजारों किस्मों की धान की प्रजातियां उगाई जाती हैं। सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज जैसे चावलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है। छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे। पिछले साल भी सरकार ने दी थी, छूट दिसंबर 2025 में मंडी शुल्क में छूट की अवधि खत्म हो रही थी।

 Rice Summit 2026 छत्तीसगढ़ से 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का किया जा रहा है निर्यात

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिलेगी। Rice Export Chhattisgarh उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। सरकार निर्यातकों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष भी खरीदी में वृद्धि की संभावना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

Vishnu Deo Sai Announcement मुख्यमंत्री ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन

इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्र विशेष में उत्पादित प्रजातियों, चावल उत्पादन में हो रहे नवाचारों तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासकीय स्टालों का भी निरीक्षण कर चावल के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारों से चावल की पैदावार में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, एपिडा के चेयरमेन अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति लाल, राम गर्ग, देश भर से आये मिलर्स, चावल व्यवसायी एवं स्टेक होल्डर्स उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने चावल निर्यातकों को क्या राहत दी है?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंडी शुल्क में छूट की अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है।

इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट क्यों महत्वपूर्ण है?

इस समिट में कई देशों के अंतरराष्ट्रीय बायर्स और एम्बेसी प्रतिनिधियों की मौजूदगी से छत्तीसगढ़ को वैश्विक पहचान मिल रही है।

छत्तीसगढ़ से कितने देशों को चावल निर्यात होता है?

वर्तमान में छत्तीसगढ़ से लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है।