Tadmetla Naxal attack: ताड़मेटला नक्सल हमले की आज 16वीं बरसी.. कुछ ही मिनटों में शहीद हो गए थे अर्धसैनिक बलों के 76 जवान.. CRPF इस तरह दे रही है श्रद्धांजलि

Tadmetla Naxal attack 16th anniversary Today: ताड़मेटला नक्सल हमले की 16वीं बरसी, 76 जवान शहीद, सीआरपीएफ ने श्रद्धांजलि दी और स्मारक का लोकार्पण।

Tadmetla Naxal attack: ताड़मेटला नक्सल हमले की आज 16वीं बरसी.. कुछ ही मिनटों में शहीद हो गए थे अर्धसैनिक बलों के 76 जवान.. CRPF इस तरह दे रही है श्रद्धांजलि

Tadmetla Naxal attack 16th anniversary Today || Symbolic File

Modified Date: April 6, 2026 / 08:55 am IST
Published Date: April 6, 2026 8:51 am IST
HIGHLIGHTS
  • ताड़मेटला हमले की 16वीं बरसी
  • 76 जवान हुए थे शहीद
  • सीआरपीएफ ने दी श्रद्धांजलि

सुकमा: छत्तीसगढ़ समेत भारत के दूसरे राज्यों से नक्सलवाद के खात्मे का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने लाल आतंक के सफाये के लिए 31 मार्च 2026 का डेडलाइन तय किया था। (Tadmetla Naxal attack 16th anniversary Today) सरकार के मुताबिक माओवादियों का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह ख़त्म करते हुए नक्सलियों से ज्यादातर हथियार वापस बरमाद का लिए गए है। अब कुछेक राज्यों में मुट्ठी भर नक्सली बाकी है जो छिपे हुए है और किसी तरह की वारदात को अंजाम देने की स्थिति में नहीं है।

बहरहाल इस बीच आज ताड़मेटला नक्सली हमले की 16वीं बरसी मनाई जा रही है। आज ही के दिन यानी 6 अप्रैल 2026 को माओवादियों ने देश के सब बड़े हमले को अंजाम दिया था।

कैसे किया गया था यह भीषण हमला?

बता दें कि, दंतेवाड़ा जिले (अब सुकमा जिला) के ताड़मेटला, चिन्तागुफा क्षेत्र में एक भीषण नक्सली हमला हुआ था। इस हमले में सीआरपीएफ के 74 जवान और छत्तीसगढ़ पुलिस के 2 जवान शहीद हो गए, यानी कुल 76 सुरक्षाकर्मी वीरगति को प्राप्त हुए थे। लगभग 1000 नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी ने इस हमले को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया था। (Tadmetla Naxal attack 16th anniversary Today) यह घटना सुबह लगभग 5:30 से 6:00 बजे के बीच हुई, जब सुरक्षा बलों के जवान ऑपरेशन से थककर लौट रहे थे।

क्या पापराव थे इस हमले के मास्टरमाइंड?

नक्सलियों ने पहले आईईडी (IED) विस्फोट किया और उसके बाद भारी फायरिंग शुरू कर दी, जिससे जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला। यह मुठभेड़ 7 घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें 8 नक्सली भी मारे गए। हमले के बाद नक्सली जवानों के हथियार और बख्तरबंद वाहन (APC) भी लूटकर ले गए। उस समय यह घटना भारतीय सुरक्षा बलों पर नक्सलियों द्वारा किया गया सबसे बड़ा और सबसे घातक हमला माना गया था। नक्सलियों अपने साथ करीब 80 अत्याधुनिक हथियार भी लूट ले गए थे। दावा किया जाता है कि, इस पूरे हमले को मोस्ट वांडेट माओवादी नेता पापराव के अगुवाई में अंजाम दिया था, वही पिछले दिनों पापाराव ने अपने 17 अन्य साथियों के साथ सरेंडर कर दिया था।

शहीद स्मारक का आज लोकार्पण

इस दुर्दांत हमले की आज 16वीं बरसी पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस फ़ोर्स अपने शहीद जवानों को नम आँखों से यद् करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। शहीद जवानों की याद में सीआरपीएफ की तरफ से शहद स्मारक का निर्माण भी कराया गया है, जिसका लोकार्पण आज सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह करेंगे। (Tadmetla Naxal attack 16th anniversary Today) इस मौके पर छत्तीसगढ़ पुलिस और रिजर्व फ़ोर्स के बड़े अफसर भी मौजूद रहेंगे।

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