CG News: स्थानीय-बाहरी विवाद पर अब संतों की एंट्री, राजीव लोचन महाराज ने छत्तीसगढ़िया और परदेसिया करने वालों को बताया नक्सली, सोशल मीडिया पर शुरू हुई नई बहस

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स्थानीय- बाहरी विवाद पर अब संतों की एंट्री, Rajiv Lochan Maharaj called those who do Chhattisgarhiya and Pardesiya as Naxalites

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  • Publish Date - November 18, 2025 / 11:54 PM IST,
    Updated On - November 19, 2025 / 12:03 AM IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में ‘छत्तीसगढ़िया बनाम परदेसिया’ विवाद गहराया।
  • छत्तीसगढ़िया बनाम परदेसिया’ विवाद में अब संतों की हुई एंट्री।

रायपुरः CG News: छत्तीसगढ़ में इन दिनों छत्तीसगढ़िया और परदेसिया यानी स्थानीय और बाहरी की बात को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। स्थानीय लोगों के अधिकारों, रोजगार, संस्कृति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की बात अब सोशल मीडिया से लेकर धार्मिक मंचों तक पहुंच गया है। यह विवाद तब उभरा जब छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडित किए जाने के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने जाति विशेष के आराध्य देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस विषय पर अब कथावाचक राजीव लोचन महाराज का बयान सामने आया है। उन्होंने छत्तीसगढ़िया और परदेसिया करने वाले लोगों को नक्सली बता दिया है।

CG News: एक कथा के दौरान कथावाचक राजीव लोचन महाराज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सली मर रहे है। नक्सली गोली से जो काम करते थे, वो अब नहीं कर पा रहे हैं। नक्सली विचारधारा वाले लोगों की पार्टियां बनाई जाएगी और वो अब बोली से हिंदुओं को बांटने का काम करेंगे। छत्तीसगढ़िया और परदेसिया बोलना शुरू कर दिए हैं। ये नक्सली ही है। ये आपस में समाज को तोड़ेंगे। ये साधु संतों को गाली बक रहे हैं। ये वरूण अवतार बाबा झूले लाल की मूर्ति पर लघुशंका करने की बात करते हैं। अग्रसेन महाराज की मूर्ति का अपमान करने की बात कर रहे हैं। कल वो लोग गोस्वामी तुलसीदास जी को परदेसिया बोल देंगे। कह देंगे कि जगन्नाथ जी उड़िया और द्वारिकाधीश जी गुजराती है। राम जी को यूपी वाले कह देंगे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इनकी बातों में आप लोग मत आइए। ये लोग आप लोगों को विनाश की ओर ले जाएंगे।

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‘छत्तीसगढ़िया बनाम परदेसिया’ विवाद क्या है?

यह विवाद छत्तीसगढ़ के स्थानीय (छत्तीसगढ़िया) और बाहरी (परदेसिया) लोगों के अधिकार, रोजगार, संस्कृति और प्रतिनिधित्व को लेकर चल रही बहस से जुड़ा है। हाल ही में यह मुद्दा धार्मिक मंचों तक पहुंच गया है।

विवाद कैसे शुरू हुआ?

छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडित होने के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने जाति विशेष के आराध्य देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद बहस तेज हो गई।