रायपुर, 14 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित राज्य के कुछ अन्य शहरों में पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर बृहस्पतिवार को वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि पंप संचालकों ने स्पष्ट किया कि ईंधन की आपूर्ति अधिकांश स्थानों पर सामान्य बनी हुई है।
राजधानी रायपुर में कई पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ पंपों ने भारी मांग के कारण मौजूदा स्टॉक खत्म होने पर अस्थायी रूप से काम बंद कर दिया।
पेट्रोल पंप संचालकों ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था में किसी बड़ी बाधा की स्थिति नहीं है और भीड़ का कारण ईंधन खत्म होने की अफवाहों से फैली घबराहट है।
संचालकों के अनुसार, लोगों ने पिछले कुछ दिनों में जरूरत से अधिक ईंधन भरवा लिया, जिससे नया स्टॉक आने से पहले ही मौजूदा भंडार समाप्त हो गया।
रायपुर के कुशालपुर इलाके में पेट्रोल भरवाने कतार में खड़े पीयूष पटेल ने बताया कि भीड़ का मुख्य कारण अफवाहों से फैली घबराहट है।
उन्होंने कहा, “लोग इस डर से अधिक पेट्रोल भरवा रहे हैं कि कहीं ईंधन मिलना बंद न हो जाए, जबकि अभी पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध है, लेकिन भीड़ के कारण समय अधिक लग रहा है।”
एक अन्य ग्राहक बबलू यादव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में पंपों पर असामान्य रूप से भीड़ बढ़ गई है।
उन्होंने कहा, “पहले आसानी से पेट्रोल मिल जाता था, लेकिन अब कई जगह लंबी कतारें हैं। आज मुझे पेट्रोल भरवाने के लिए लगभग डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा।”
बृहस्पतिवार दोपहर तक राजधानी में कई पेट्रोल पंप बंद भी देखे गए। मोवा फ्लाईओवर के पास एक पेट्रोल पंप के प्रबंधक वाई. पी. गुप्ता ने कहा कि घबराहट में लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे भीड़ बढ़ रही है।
फाफाडीह चौक स्थित पेट्रोल पंप के प्रबंधक प्रशांत साहू ने बताया कि डीलर लगातार डिपो से संपर्क में हैं और आपूर्ति के लिए अग्रिम बुकिंग व भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी नया स्टॉक आने में दो से तीन दिन लग जाते हैं, जिससे अस्थायी दिक्कतें उत्पन्न हो जाती हैं।
कोंडागांव जिले में भी कुछ पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि बाहरी इलाकों में स्थित पंपों ने सीमित मात्रा में ही ईंधन देने का निर्णय लिया है।
कोंडागांव शहर के बाहरी इलाके में स्थित दिनेश फ्यूल्स के मालिक दिनेश कुमार जैन ने बताया कि आपूर्ति को सभी ग्राहकों में समान रूप से वितरित करने के लिए यह सीमा तय की गई है।
उन्होंने कहा, “हम दोपहिया वाहनों को 200 रुपये तक और कारों व डीजल वाहनों को 1,000 रुपये तक का ईंधन दे रहे हैं, ताकि सभी को पेट्रोल-डीजल मिल सके। हमें रोजाना एक टैंकर आपूर्ति मिल रही है।”
जैन ने उम्मीद जताई कि स्थिति एक-दो दिन में सामान्य हो जाएगी और यह समस्या मुख्य रूप से घबराहट में हो रही खरीदारी के कारण उत्पन्न हुई है।
कोंडागांव में कतार में खड़े स्कूल शिक्षक कृष्ण कुमार मरावी ने कहा कि स्थिति चिंताजनक लग रही है।
उन्होंने कहा, “अगर पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा तो बड़ी समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। कुछ पंप केवल एक-दो लीटर पेट्रोल दे रहे हैं और शहर के अंदर कई पंप बंद हैं।”
राज्य के बिलासपुर और जशपुर जिलों में भी कई पेट्रोल पंप बंद रहने की खबरें सामने आई हैं।
भाषा
सं, संजीव रवि कांत