मुंबई, 14 मई (भाषा) वित्तीय क्षेत्र के नियामकों ने बृहस्पतिवार को वैश्विक एवं घरेलू वृहद आर्थिक परिस्थितियों पर चर्चा की और भू-राजनीतिक तनाव के बीच बेहतर समन्वय के जरिये वित्तीय प्रणाली की मजबूती बढ़ाने के उपायों पर विचार किया।
वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की उप-समिति (एफएसडीसी-एससी) की बैठक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कार्यालय में आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, समिति ने उभरती चुनौतियों, विशेषकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से उत्पन्न जोखिमों पर सतत निगरानी रखने और वित्तीय क्षेत्र की मजबूती बढ़ाने के लिए अंतर-नियामकीय समन्वय को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में वैश्विक और घरेलू आर्थिक एवं वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख घटनाक्रमों के साथ-साथ वित्तीय स्थिरता पर प्रभाव डालने वाले उभरते मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय, भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के चेयरमैन अजय सेठ, पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन एस. रामन, आईएफएससीए के प्रमुख के. राजारमन, वित्त मंत्रालय के व्यय सचिव वी. वुअलानम, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन तथा आरबीआई के सभी डिप्टी-गवर्नर शामिल हुए।
भाषा योगेश अजय
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