Sharab ki Dukan Kab Band Rahegi: कल बंद रहेंगी शराब की सभी दुकानें, मांस-मटन की बिक्री पर भी लगी रोक, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

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Sharab ki Dukan Kab Band Rahegi: कल बंद रहेंगी शराब की सभी दुकानें, मांस-मटन की बिक्री पर भी लगी रोक, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 01:38 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 01:38 PM IST

Sharab ki Dukan Kab Band Rahegi | Photo Credit: IBC24

रायपुर: Sharab ki Dukan Kab Band Rahegi छत्तीसगढ़ सरकार ने जन्माष्टमी के अवसर पर चार सितंबर को ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया है और इस दौरान शराब बेचने या परोसने वाली सभी दुकानों, बार, होटल-बार, क्लब और अन्य लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

Sharab ki Dukan Kab Band Rahegi अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने इस मौके पर शहरी इलाकों में बूचड़खानों और मांस बेचने वाली दुकानों को भी बंद रखने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर चार सितंबर को संपूर्ण छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस दिन प्रदेश की सभी मदिरा दुकानें, बार, होटल-बार, क्लब सहित मदिरा विक्रय एवं परोसने वाले सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।’’

चार सितंबर को छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस

अवैध मदिरा के परिवहन, संग्रहण और विक्रय पर कड़ी निगरानी रखते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।” उन्होंने लिखा, ‘‘ हमारी संस्कृति और आस्था से जुड़े इस पावन पर्व को श्रद्धा, सात्विकता और सामाजिक सद्भाव के वातावरण में मनाएं। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि का विस्तार हो। जय श्रीकृष्ण।’’ एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर चार सितंबर को छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस घोषित करने तथा नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह तथा मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने लिया निर्णय

बयान में कहा गया कि यह निर्णय स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मांग पर मुख्यमंत्री साय ने लिया है। अधिकारियों ने बताया कि यादव ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे पावन अवसर पर जनभावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया यह निर्णय अभिनंदनीय है।’’

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