Shree Narayana Hospital Achievements: श्री नारायणा हॉस्पिटल में एक और करिश्मा! माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी से नस में दोबारा दौड़ा खून, हादसे का शिकार हुए श्रमिक को मिली नई जिदंगी

श्री नारायणा हॉस्पिटल में एक और करिश्मा! माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी से नस में दोबारा दौड़ा खून, Shree Narayana Hospital Achievements

Shree Narayana Hospital Achievements: श्री नारायणा हॉस्पिटल में एक और करिश्मा! माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी से नस में दोबारा दौड़ा खून, हादसे का शिकार हुए श्रमिक को मिली नई जिदंगी
Modified Date: March 16, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: March 16, 2026 10:09 pm IST

रायपुर। Shree Narayana Hospital Achievements छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित श्री नारायणा हॉस्पिटल ने प्लास्टिक सर्जरी की दिशा में एक और उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। यहां के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक युवक का सफल ऑपरेशन कर उन्हें दिव्यांगता से बचा लिया। इसे न केवल चिकित्सा क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि कही जा रही है, बल्कि उन सभी श्रमिकों और नागरिकों के लिए आशा की किरण है जो ऐसी दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं।

दरअसल, उरला औद्योगिक क्षेत्र में आरा मशीन में काम करते हुए एक दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसे में उसके बाएं हाथ की मुख्य धमनी कट गई थी और कोहनी के पास से मांस और त्वचा का एक बहुत बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया था। खून की सप्लाई ना हो पाने के कारण मरीज के बाएं हाथ का निचला हिस्सा काला पड़ने लगा था और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया था। हादसे के बाद उन्हें श्री नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्लास्टिक सर्जन डॉ. नीरज पांडे और उनकी रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी टीम ने तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया। डॉक्टरों ने माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी की उन्नत तकनीक अपनाई। सामान्य ग्राफ्ट की बजाय मरीज के पैर से ग्रेट सफेनस वेन (GSV) लेकर “फ्लो-थ्रू वीनस फ्लैप” तकनीक का इस्तेमाल किया। इस अत्याधुनिक प्रक्रिया में नस को एक कंड्यूट (नली) की तरह उपयोग कर खून का प्रवाह बहाल किया गया, साथ ही उसी फ्लैप से बड़े खुले घाव को भर दिया गया। इससे धमनी सुरक्षित कवर हुई और संक्रमण का जोखिम लगभग खत्म हो गया। लगभग 7 घंटे की जटिल और सूक्ष्म सर्जरी के बाद मरीज के हाथ में रक्त प्रवाह पूरी तरह बहाल हो गया।

श्री नारायणा हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुनील खेमका ने बताया कि इन सभी अत्याधुनिक टेक्निक्स के उपयोग के बाद मरीज तेजी से रिकवर हो रहा है और अब उसका हाथ पूरी तरह से सुरक्षित है। श्री नारायणा हॉस्पिटल ने अत्याधुनिक संसाधनों के उपयोग और कुशल टीमवर्क की बदौलत इस तरह की जटिलतम माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी को सफल बनाया है, जिसकी बदौलत यह युवा श्रमिक स्थाई रूप से विकलांग होने से बच गया है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।