Surguja Human Trafficking News : काम दिलाने के नाम पर बस में भरकर ले जाए जा रहे थे 19 बच्चे, बीच रास्ते खुला ऐसा राज कि मच गया हड़कंप

काम दिलाने के बहाने दूसरे राज्य ले जाए जा रहे 19 बच्चों को संयुक्त टीम ने बस से रेस्क्यू किया। प्रारंभिक जांच में मानव तस्करी की आशंका जताई जा रही है, जबकि परिजनों ने बताया कि उन्हें बच्चों के बाहर ले जाए जाने की कोई जानकारी नहीं थी।

Surguja Human Trafficking News : काम दिलाने के नाम पर बस में भरकर ले जाए जा रहे थे 19 बच्चे, बीच रास्ते खुला ऐसा राज कि मच गया हड़कंप

Surguja Human Trafficking News / Image Source : FILE


Reported By: Abhishek Soni,
Modified Date: June 12, 2026 / 07:56 pm IST
Published Date: June 12, 2026 7:53 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 19 बच्चों का रेस्क्यू, इनमें 16 लड़कियां और 3 लड़के शामिल
  • सभी बच्चे झारखंड के रहने वाले बताए गए
  • काम दिलाने के बहाने दूसरे राज्य ले जाने की आशंका

सरगुजा: Surguja Human Trafficking News :  छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से मानव तस्करी से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां काम दिलाने के बहाने नाबालिग छात्राओं और किशोरों को झारखंड से कर्नाटक ले जाया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि इनके परिजनों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाइन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों का रेस्क्यू किया है। अब बाल कल्याण समिति पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

19 बच्चों को किया गया रेस्क्यू

अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस अड्डे पर एक बस से रेस्क्यू किए गए ये लड़के और लड़कियां झारखंड के रहने वाले हैं, जिन्हें काम के बहाने कर्नाटक ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रेस्क्यू किए गए 19 बच्चों में 16 लड़कियां और 3 लड़के शामिल हैं। इनमें अधिकांश नाबालिग और छात्र-छात्राएं हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक बस में बड़ी संख्या में लड़के-लड़कियों को काम के बहाने बाहर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर विभाग ने पुलिस और चाइल्ड लाइन की मदद से बस को रोका और सभी बच्चों का रेस्क्यू किया।

CWC Ambikapur Child Line परिजनों को नहीं थी जानकारी

मामले को मानव तस्करी की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अक्सर रोजगार का झांसा देकर नाबालिग लड़कियों को दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है, जहां उन्हें बेचने या अनैतिक कार्यों में धकेलने के मामले सामने आते रहे हैं। इसी वजह से इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जब बच्चों के परिजनों को इस घटना की जानकारी मिली तो वे अंबिकापुर पहुंचे और अपने बच्चों को वापस ले जाने की प्रक्रिया में शामिल हुए। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनके बच्चे दूसरे राज्य जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इसी तरह कई बार बच्चों को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाया जाता है और बाद में उनका कोई पता नहीं चल पाता।

सीडब्ल्यूसी कर रही हर पहलु की जाँच

महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी बच्चों और उनके परिजनों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। विभाग का कहना है कि बच्चों को कहां ले जाया जा रहा था, उन्हें कौन लेकर जा रहा था और किस काम के लिए भेजा जा रहा था, इन सभी पहलुओं की जांच सीडब्ल्यूसी द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद प्रकरण तैयार कर पुलिस को सौंपा जाएगा।

Jharkhand To Karnataka Human Trafficking प्रशासन और जांच एजेंसियां करेंगी कितनी सख्त कार्रवाई

बहरहाल, छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों से काम दिलाने के नाम पर ले जाई गई कई लड़कियां आज भी लापता हैं, जिनकी तलाश में उनके परिजन भटक रहे हैं। महानगरों की चमक-दमक दिखाकर मासूमों को झांसा देने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। ऐसे में इस मामले में समय रहते बच्चों का रेस्क्यू हो जाना राहत की बात है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन और जांच एजेंसियां इस गंभीर मामले में कितनी प्रभावी और सख्त कार्रवाई करती हैं।

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