47 की उम्र में सरगुजा की इस आदिवासी महिला ने मॉडलिंग में किया करनामा, जीता मिसेज एशिया का खिताब

Surguja won the title of Mrs. Asia : आखिर कैसे सरगुज़ा जैसे आदिवासी अंचल की महिला ने अपने सपनों को कैसे पूरा किया आपको बताते है।

47 की उम्र में सरगुजा की इस आदिवासी महिला ने मॉडलिंग में किया करनामा, जीता मिसेज एशिया का खिताब
Modified Date: November 29, 2022 / 08:10 pm IST
Published Date: August 27, 2022 9:25 pm IST

सरगुज़ा। Mrs. Asia : सरगुज़ा जैसे आदिवासी अंचल की आदिवासी महिला ने ब्यूटी कॉम्पटीशन में मिसेज एशिया का खिताब अपने नाम कर दुनियाभर में डंका मनवाया है। 47 वर्ष की उम्र में कॉम्पटीशन जीतकर हौसलों की मिसाल बन गई है। आखिर कैसे सरगुज़ा जैसे आदिवासी अंचल की महिला ने अपने सपनों को कैसे पूरा किया आपको बताते है।

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Mrs. Asia पहले मिसेज सरगुज़ा, फिर बनी मिसेज छग और अब एग्निमा मिसेज एशिया का खिताब अपने नाम किया। ये उपलब्धि किसी बड़े महानगर में रहने वाली मॉडल अपने नाम करे तो भले ही बड़ी बात न हो मगर सरगुज़ा जैसे आदिवासी अंचल की रहने वाली 47 साल की आदिवासी महिला जब ये कारनामा कर दिखाए तो बड़ी बात होती है और ऐसा ही खिताब अपने नाम किया है सरगुज़ा कि रहने वाली डॉ रेणुका मास केरकेट्टा ने.. जिन्होंने थाईलैंड के पटाया में आयोजित एग्निमा मिसेज एशिया का खिताब अपने नाम किया है।

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47 साल की हो चुकी रेणुका को शुरू से ही मॉडलिंग में दिलचस्पी रही है मगर अविभाजित सरगुज़ा के दूरस्थ क्षेत्र में पैदा होने के साथ ही बस्तर में शिक्षा ग्रहण करने वाली रेणुका के लिए ये सबकुछ आसान नहीं था। रेणुका खूब मान रही है कि आदिवासी महिलाये रंग रूप को लेकर ब्यूटी प्रतियोगिताओं में खुद को साबित करना मुश्किल मान रही थी। ऐसे में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी औऱ अपनी उम्मीदों को पर देने जुटी रही। यही कारण रहा कि सफलता उन्हें मिलती गई। पटाया में आयोजित अलग अलग देशों की करीब 25 प्रतिभागियों को शिकस्त देते हुए 47 साल डॉ रेणुका ने एग्निमा मिसेज एशिया का खिताब अपने नाम किया। रेणुका का कहना है कि रंग से ज्यादा आपके अंदर की प्रतिभा और आपकी पर्सनाल्टी बेहतर होनी चाहिए जिससे आप सफलता का परचम लहरा सकते है,।

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बहरहाल जिस तरह से रेणुका ने खिताब अपने नाम किया है उससे साफ है कि रंग पर गुमान करने वालो की प्रतिभा धरी की धरी रह जाती है और सचमुच अपने जुनून को पाने को लेकर काम करने वालो का सफलता क़दम चूमती है।

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